Neemuch Suicide Case: बीमारी और दर्द से हार गया रोडमल, मौत से पहले बनाए 2 भावुक वीडियो, कहा- ‘अब जीने की हिम्मत नहीं बची’

Neemuch Suicide Case

Neemuch Suicide Case

नीमच: Neemuch Suicide Case मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सरवानिया महाराज चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजनगर मोरवन में एक 40 वर्षीय युवक ने जिंदगी की जंग हारकर मौत को गले लगा लिया। Neemuch Suicide Case की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। आत्महत्या जैसा कदम उठाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल पर दो वीडियो रिकॉर्ड किए, जिसमें उसने अपनी पीड़ा और बेबसी बयां की है। युवक का यह अंतिम संदेश अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हैं।

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क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान रोडमल बंजारा (पिता रूपलाल बंजारा) के रूप में हुई है, जो राजनगर मोरवन का निवासी था। शुक्रवार की शाम, जब सूरज ढल रहा था, रोडमल के जीवन का भी अंत करीब आ रहा था। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच उसने अपने ही घर में सल्फास (जहरीला पदार्थ) का सेवन कर लिया।

काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। जब वे बाथरूम की तरफ दौड़े, तो वहां सल्फास की खाली डिब्बी मिली और रोडमल अचेत अवस्था में था। यह मंजर देख परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर शाम 6 बजे जिला चिकित्सालय पहुंचे।

Neemuch Suicide Case: वीडियो में बयां किया अपना दर्द

इस Neemuch Suicide Case में सबसे भावुक पहलू वे दो वीडियो हैं जो रोडमल ने जहर खाने से ठीक पहले बनाए। एक सुनसान जगह पर रिकॉर्ड किए गए इन वीडियो में रोडमल बेहद शांत लेकिन अंदर से टूटा हुआ नजर आ रहा है। उसने समाज, दोस्तों और परिवार को हाथ जोड़कर अंतिम ‘राम-राम’ कहा।वीडियो में रोडमल ने स्पष्ट किया कि वह अपनी लंबी बीमारी और असहनीय शारीरिक कष्टों से पूरी तरह टूट चुका है। उसने कहा,

“मैं अपनी बीमारी से हार चुका हूं, अब और जीने की हिम्मत नहीं बची है।” उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को और अपनी किस्मत को बताया।

पुलिस और प्रशासन से की आखिरी विनती

मरने से पहले रोडमल ने प्रशासन और पुलिस के लिए भी एक संदेश छोड़ा। उसने वीडियो में हाथ जोड़कर विनती की कि उसकी मौत के बाद उसके परिवार को किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। उसने साफ शब्दों में कहा, “मुझ पर किसी का कोई कर्ज या लेन-देन बकाया नहीं है। मेरी मौत के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है, सिवाय मेरी किस्मत के।” उसका यह संदेश सुनकर यह साफ होता है कि वह जाते-जाते भी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित था।

तमाम कोशिशें रहीं नाकाम, 9 बजे तोड़ा दम

जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रोडमल की हालत गंभीर देखते हुए उसे एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों और परिजनों ने उसे बचाने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन जहर का असर शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। शुक्रवार रात करीब 9 बजे रोडमल जिंदगी की जंग हार गया और उसने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं।

शनिवार की सुबह जिला अस्पताल पुलिस चौकी द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही रोडमल का शव गांव पहुंचा, वहां मातम पसर गया। हर कोई इस Neemuch Suicide Case की चर्चा करते हुए दुख जता रहा था।

पुलिस ने शुरू की जांच

सरवानिया महाराज चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने मृतक द्वारा बनाए गए वीडियो और अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिए गए बयानों के आधार पर यह स्पष्ट है कि युवक ने बीमारी से तंग आकर यह कदम उठाया है, फिर भी मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शारीरिक व्याधियों के साथ-साथ मानसिक अवसाद किस कदर इंसान को तोड़ देता है। रोडमल तो चला गया, लेकिन पीछे छोड़ गया अपने परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म और दो वीडियो, जो उसकी लाचारी की गवाही दे रहे हैं।


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