Ind vs NZ 3rd ODI: इंदौर में विराट कोहली का ‘विराट’ प्रहार गया बेकार, न्यूजीलैंड ने भारत का किला ढहाकर रचा ऐतिहासिक कीर्तिमान

Ind vs NZ 3rd OD
इंदौर: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला गया Ind vs NZ 3rd ODI मुकाबला इसका जीता-जागता सबूत बन गया। एक तरफ भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ विराट कोहली ने अपने बल्ले की क्लास दिखाते हुए करियर का 54वां वनडे शतक जड़ा, तो दूसरी तरफ टीम इंडिया को एक ऐसी हार का सामना करना पड़ा जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। 338 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 296 रनों पर ढेर हो गई और 41 रनों से मैच हार गई। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने 3 मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह पहली बार है जब कीवी टीम ने भारतीय सरजमीं पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती है।
शुरुआती झटकों के बाद कीवी बल्लेबाजों का पलटवार
मैच की शुरुआत में ऐसा लगा कि Ind vs NZ 3rd ODI पूरी तरह से भारत की पकड़ में है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने महज 5 रन के स्कोर पर अपने 2 प्रमुख विकेट गंवा दिए थे। अर्शदीप सिंह की स्विंग होती गेंदों ने कीवी खेमे में खलबली मचा दी थी। लेकिन, क्रिकेट में ‘साझेदारी’ सबसे बड़ा हथियार होती है।
मुश्किल वक्त में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स संकटमोचक बनकर उभरे। इन दोनों ने न केवल पारी को संभाला बल्कि भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जवाबी हमला बोल दिया। फिलिप्स ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 88 गेंदों में तूफानी 106 रन बनाए, जबकि मिचेल ने सीरीज में अपना दूसरा शतक जड़ते हुए भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इन दोनों की मैराथन साझेदारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 337 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने 3-3 विकेट जरूर लिए, लेकिन वे रनों के बहाव को रोकने में नाकाम रहे।
कोहली का एकाकी संघर्ष और टॉप ऑर्डर का सरेंडर
338 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को एक ठोस शुरुआत की दरकार थी, लेकिन इंदौर की सपाट पिच पर भारतीय शेर ढेर हो गए। कप्तान रोहित शर्मा, युवा सनसनी शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल—ये चारों दिग्गज बल्लेबाज आया राम-गया राम की तर्ज पर पवेलियन लौट गए। एक समय ऐसा लग रहा था कि Ind vs NZ 3rd ODI में भारत बहुत बुरी तरह से हारेगा।
ऐसे नाजुक मोड़ पर ‘चेज मास्टर’ विराट कोहली ने मोर्चा संभाला। जब दूसरे छोर से विकेट पतझड़ की तरह गिर रहे थे, कोहली एक चट्टान की तरह डटे रहे। उन्होंने अपनी क्लासिक कवर ड्राइव और कलाईयों के जादू से 91 गेंदों में 8 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के लगाते हुए अपना शतक पूरा किया। यह उनका 54वां वनडे शतक था। कोहली की बल्लेबाजी देख स्टेडियम में मौजूद दर्शकों में उम्मीद की किरण जगी थी, लेकिन उन्हें किसी भी साथी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। अंततः पूरी टीम 46 ओवर में 296 रनों पर सिमट गई।
विराट कोहली: रिकॉर्ड्स के बादशाह
भले ही भारत यह मैच हार गया, लेकिन विराट कोहली ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। इस शतक के साथ ही उन्होंने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया:
न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक: विराट अब कीवी टीम के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक (7) लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग (दोनों के 6-6 शतक) के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
सचिन के करीब: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह विराट का कुल 85वां शतक है। अब वह क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों के महा-रिकॉर्ड से महज 15 कदम दूर हैं।
निरंतरता की मिसाल: एक छोर पर गिरते विकेटों के बीच ऐसा संयम और स्ट्राइक रेट बरकरार रखना साबित करता है कि कोहली आधुनिक क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाज क्यों हैं।
इतिहास में दर्ज हुई कीवी टीम की जीत
न्यूजीलैंड के लिए यह जीत किसी सपने से कम नहीं है। भारत को भारत में हराना किसी भी विदेशी टीम के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होता है। लेकिन कीवी टीम ने Ind vs NZ 3rd ODI में गजब का जज्बा दिखाया। गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी, वे हर विभाग में भारत से इक्कीस साबित हुए। मिचेल और फिलिप्स की पारियां और फिर अनुशासित गेंदबाजी ने उन्हें यह ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई।
वर्ल्ड कप की तैयारियों पर सवाल?
घरेलू मैदान पर मिली यह सीरीज हार टीम इंडिया मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए टॉप ऑर्डर का बिखरना और मध्यक्रम का दबाव न झेल पाना—ये वो कमियां हैं जिन पर तुरंत काम करने की जरूरत है। विराट कोहली की फॉर्म राहत की बात है, लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है और सिर्फ एक खिलाड़ी आपको हर बार मैच नहीं जिता सकता।

