Vande Mataram New Guidelines 2026: राष्ट्रगीत के लिए केंद्र का बड़ा फैसला; अब राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम और 190 सेकंड का प्रोटोकॉल
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
11 फ़रवरी 2026, (अपडेटेड 11 फ़रवरी 2026, 3:10 अपराह्न IST)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और उनकी गरिमा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने Vande Mataram New Guidelines 2026 जारी कर दी हैं, जिसके तहत अब सरकारी आयोजनों, स्कूलों और औपचारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के गायन और वादन के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है। इन नए दिशा-निर्देशों का सबसे प्रमुख उद्देश्य राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान के समान संवैधानिक और व्यावहारिक दर्जा दिलाना है।

1. राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत: क्रम में बड़ा बदलाव

Vande Mataram New Guidelines 2026 का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु इसका क्रम है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी 10 पन्नों के आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब किसी भी औपचारिक कार्यक्रम में, जहाँ राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का उपयोग किया जाना है, वहां ‘वंदे मातरम’ पहले बजाया जाएगा। इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन होगा। यह प्रोटोकॉल उन सभी कार्यक्रमों में अनिवार्य होगा जहाँ राष्ट्रपति, राज्यपाल या अन्य संवैधानिक प्रमुख उपस्थित रहेंगे। अब तक के नियमों में राष्ट्रगान को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब राष्ट्रगीत से कार्यक्रम का भव्य आगाज होगा।

2. 190 सेकंड का पूरा संस्करण और सावधान मुद्रा

Vande Mataram New Guidelines 2026 के अनुसार, अब वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो पदों को गाने की पुरानी परंपरा को समाप्त कर दिया गया है। अब इसके मूल स्वरूप के सभी छह पैराग्राफ गाए जाएंगे। इस पूरे संस्करण की कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड (190 सेकंड) निर्धारित की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Vande Mataram New Guidelines 2026 के तहत, इस पूरी अवधि के दौरान वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को ‘सावधान’ (Attention) की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह Vande Mataram New Guidelines 2026 राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने और महान क्रांतिकारी कवियों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए बनाया गया है।

3. इन प्रमुख अवसरों पर नियमों का पालन होगा अनिवार्य

गृह मंत्रालय ने उन सभी मौकों की विस्तृत सूची जारी की है जहाँ इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:

  • गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस: राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय और परेड के दौरान राष्ट्रगीत का वादन अनिवार्य होगा।

  • संवैधानिक प्रमुखों की उपस्थिति: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन और उनके संबोधन से पहले।

  • नागरिक अलंकरण समारोह: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री जैसे पुरस्कार वितरण समारोहों के दौरान।

  • सरकारी शिक्षण संस्थान: देश के सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के स्कूलों में औपचारिक सभाओं के दौरान इसका पालन किया जाएगा।

  • डिप्लोमैटिक रिसेप्शन: विदेशी मेहमानों के आगमन पर होने वाले राजकीय भोज और स्वागत समारोहों में।

4. सिनेमाघरों को मिली राहत

हालांकि Vande Mataram New Guidelines 2026 काफी विस्तृत हैं, लेकिन सरकार ने व्यावहारिक पहलुओं का भी ध्यान रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिनेमा हॉलों को फिलहाल इन नए नियमों से बाहर रखा गया है। यानी फिल्मों की स्क्रीनिंग से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और उसके सम्मान में खड़ा होना दर्शकों के लिए अनिवार्य नहीं होगा। सरकार का मानना है कि सिनेमा एक व्यावसायिक और मनोरंजन का क्षेत्र है, जहाँ इन नियमों को जबरन लागू करने से विवाद की स्थिति बन सकती है।

5. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और 150 साल का विवाद

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवंबर 1875 को रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ऊर्जा रहा है। इस गीत ने ‘आनंदमठ’ उपन्यास के जरिए देश के क्रांतिकारियों में जोश भरा था। Vande Mataram New Guidelines 2026 को लागू करने के पीछे सरकार का तर्क है कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नेहरू और टैगोर की सलाह पर इसके छह में से चार छंदों को हटा दिया था, क्योंकि उस समय माना गया था कि इसकी भाषा और कुछ धार्मिक संदर्भ एक विशेष वर्ग को असहज कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे पर लंबी बहस की थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक तुष्टिकरण के कारण राष्ट्रगीत के साथ जो भेदभाव हुआ, उसे अब समाप्त किया जा रहा है। 8 दिसंबर 2025 को लोकसभा में दिए अपने भाषण में पीएम ने 121 बार ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए स्पष्ट किया था कि यह गीत हमारी सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है।

6. राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का तुलनात्मक विश्लेषण

Vande Mataram New Guidelines 2026 के बाद अब दोनों राष्ट्रीय प्रतीकों के बीच का अंतर और प्रोटोकॉल इस प्रकार है:

विवरणराष्ट्रगान
(National Anthem)
राष्ट्रगीत
(National Song)
शीर्षकजन गण मनवंदे मातरम
रचयितारवींद्रनाथ टैगोरबंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय
गायन अवधि52 सेकंड190 सेकंड (3:10 मिनट)
नया क्रमराष्ट्रगीत के बाद बजेगाराष्ट्रगान से पहले बजेगा
नियमसावधान मुद्रा अनिवार्यसावधान मुद्रा अनिवार्य

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Aakash Sharma
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