चित्तौड़गढ़ में व्यापारियों पर हमला, नकाबपोशों ने कार पर बरसाईं ताबड़तोड़ लाठियां

vyapari per Hamla
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने रविवार रात एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। मंडफिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुनसान रास्ते पर व्यापारियों पर हमला (vyapari per Hamla) की इस सनसनीखेज घटना ने पूरे जिले के व्यापारिक वर्ग में डर और आक्रोश पैदा कर दिया है। अपनी बीमारी के ठीक होने की मन्नत पूरी करने के लिए श्री सांवलिया सेठ के दर्शन करने जा रहे दो प्रतिष्ठित व्यापारियों की कार को बदमाशों ने घेर लिया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। व्यापारियों की सूझबूझ और अदम्य साहस ने उन्हें एक बड़ी अनहोनी से बचा लिया।
स्पीड ब्रेकर पर घात लगाकर किया हमला
यह पूरी घटना रविवार देर रात की है, जब सड़कें सुनसान थीं और अंधेरा घना था। भदेसर निवासी 42 वर्षीय प्रदीप (पुत्र पुखराज सरुपरिया) और उनके व्यापारिक साझेदार 48 वर्षीय चंद्रप्रकाश (पुत्र संपतलाल खोडपिया) अपनी कार से सांवलिया जी मंदिर की ओर रवाना हुए थे। प्रदीप की भदेसर में ज्वेलरी की दुकान है और चंद्रप्रकाश किराना व्यवसाय के साथ-साथ प्रॉपर्टी का काम भी देखते हैं।
जैसे ही उनकी कार पोटला से धनेत के बीच स्थित आक्या जीएसएस (GSS) के पास पहुँची, वहां बने एक स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई। इसी मौके का फायदा उठाते हुए दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने कार को चारों तरफ से घेर लिया। व्यापारियों पर हमला (vyapari per Hamla) करने के इरादे से आए इन नकाबपोशों के हाथों में मोटी लकड़ियाँ और डंडे थे। बदमाशों ने बिना कोई चेतावनी दिए कार के शीशों और गेट पर जोर-जोर से प्रहार करना शुरू कर दिया।
बीमारी से ठीक होने की मन्नत लेकर निकले थे व्यापारी
पीड़ित प्रदीप ने पुलिस को बताया कि वे पिछले काफी लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि स्वस्थ होने के बाद वे सांवरा सेठ (श्री सांवलिया जी) के दरबार में जाकर मत्था टेकेंगे। रविवार को जब वे मन्नत पूरी करने के लिए अपने मित्र चंद्रप्रकाश के साथ निकले, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही होगी। व्यापारियों पर हमला (vyapari per Hamla)की इस वारदात ने उनकी खुशी को दहशत में बदल दिया।
बहादुरी और मौत को मात देने वाला सफर
जब बदमाशों ने कार पर लाठियां बरसाना शुरू किया, तो कार के शीशे चटकने लगे। बदमाशों की योजना शायद कार रुकवाकर लूटपाट करने या व्यापारियों को बंधक बनाने की थी। लेकिन प्रदीप और चंद्रप्रकाश ने हिम्मत नहीं हारी। प्रदीप ने तत्काल फैसला लिया और कार की रफ्तार कम करने के बजाय एक्सीलेटर दबा दिया।
इस भागने की कोशिश के दौरान एक बदमाश की बाइक व्यापारियों की कार से टकराई भी, लेकिन व्यापारियों ने गाड़ी नहीं रोकी। वे मुख्य मार्ग छोड़कर कच्चे और जंगल के रास्तों की ओर मुड़ गए। करीब 2-3 किलोमीटर तक बदमाशों ने उनका पीछा किया, लेकिन व्यापारियों की कार की रफ्तार के आगे वे पस्त हो गए। अंततः व्यापारी सुरक्षित रूप से आक्या गांव पहुँचे और वहां अपने एक परिचित के घर शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
आक्या गांव पहुँचते ही व्यापारियों ने सबसे पहले अपनी जान सुरक्षित की और फिर तुरंत मंडफिया थानाधिकारी रविंद्र सेन को फोन पर इस व्यापारियों पर हमला (vyapari per Hamla) की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस का भारी जाब्ता मौके पर पहुँचा और आसपास के जंगलों व रास्तों में बदमाशों की तलाश शुरू की। हालांकि, रात के अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर चारों बदमाश फरार होने में सफल रहे।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है। कार पर लगे डंडों के निशान और क्षतिग्रस्त शीशे इस बात की गवाही दे रहे थे कि हमला कितना भयावह था। देर रात दोनों व्यापारी अपने घर भदेसर लौटे और थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल इस मामले में लूट के प्रयास, आपसी रंजिश और स्थानीय गिरोहों की संलिप्तता जैसे पहलुओं पर जांच कर रही है। व्यापारियों पर हमला (vyapari per Hamla) की इस घटना के बाद व्यापारियों ने प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
यह भी पढ़ें: राजस्थान में फैक्ट्री में आग:केमिकल प्लांट में जिंदा जले 7 मजदूर

