MP Budget 2026: मोहन सरकार का ‘GYANII’ बजट, लाड़ली बहनों की राशि बढ़ी; किसानों और युवाओं के लिए खुला खजाना

MP Budget 2026
भोपाल। MP Budget 2026 में डॉ. मोहन यादव सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा और प्रदेश का पहला ‘रोलिंग बजट‘ (Rolling Budget) पेश कर दिया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में सरकार ने किसी भी नए टैक्स का बोझ जनता पर नहीं डाला है, जो प्रदेशवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
वित्त मंत्री ने अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में स्पष्ट किया कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने वाला है। सरकार ने इस बार ‘GYANII’ फॉर्मूले पर फोकस किया है, जिसका अर्थ है— गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान), नारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियलाइजेशन। आइये जानते हैं MP Budget 2026 की बड़ी बातें और इसका आपकी जेब पर क्या असर होगा।
1. नारी शक्ति: लाड़ली बहनों को ₹1,500 महीना और नए हॉस्टल
MP Budget 2026 में मोहन सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता में प्रदेश की मातृशक्ति सबसे ऊपर है। बजट में महिला कल्याण के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
लाड़ली बहना योजना: प्रदेश की करोड़ों महिलाओं का इंतजार खत्म करते हुए सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि ₹1,250 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह कर दी है। इसके लिए अलग से 23,882 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
लखपति दीदी और आवास: कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 5,700 नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। वहीं, लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,801 करोड़ रुपए रखे गए हैं। नई ‘यशोदा दूध योजना’ के लिए भी 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
2. किसान कल्याण वर्ष 2026: अन्नदाताओं को बड़ी सौगात
MP Budget 2026 में सरकार ने साल 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। MP Budget 2026 में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए कुल 88,910 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
सोलर पंप: सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए सरकार 1 लाख किसानों को सोलर सिंचाई पंप देगी, जिस पर 3 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
ब्याज माफी और बीमा: किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने के लिए 720 करोड़ और फसल बीमा के लिए 1,299 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को अब कुल 12,000 रुपए सालाना (केंद्र+राज्य) मिलते रहेंगे।
3. युवा और शिक्षा: 15,000 शिक्षकों की भर्ती और फ्री दूध
युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि प्रदेश में जल्द ही 15,000 नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
सेहत का ख्याल: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8वीं कक्षा तक के 80 लाख छात्रों को अब मुफ्त टेट्रा पैक दूध दिया जाएगा, ताकि कुपोषण से लड़ा जा सके।
साइकिल और स्कूटी: मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्कूटी और लैपटॉप हेतु 350 करोड़ और साइकिल योजना के लिए 530 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
खेल बजट: खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिससे प्रदेश में खेलों का ढांचा सुधरेगा।
4. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और सिंचाई का जाल
विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर 59,347 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें केन-वेतवा लिंक परियोजना के लिए 44,605 करोड़ रुपए की बड़ी राशि रखी गई है, जो बुंदेलखंड की प्यास बुझाएगी।
सड़कें: सड़कों की मरम्मत और नए निर्माण के लिए 12,690 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
सिंहस्थ 2028: उज्जैन में होने वाले महाकुंभ ‘सिंहस्थ’ की तैयारियों के लिए अभी से 3,060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का विकास कार्य भी शुरू होगा।
5. क्या है ‘रोलिंग बजट‘ और विपक्ष का हंगामा?
मध्य प्रदेश में पहली बार रोलिंग बजट प्रणाली अपनाई गई है। इसका मतलब है कि बजट अब केवल एक साल का नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर लगातार अपडेट होता रहेगा। जैसे ही एक साल पूरा होगा, अगले साल की योजना इसमें जुड़ जाएगी।
हालांकि, बजट भाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायक, जिनमें नेता प्रतिपक्ष भी शामिल थे, हाथ में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उनका आरोप था कि सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है और विधायक निधि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि वित्त मंत्री ने इसे विकास के लिए जरूरी निवेश बताया।
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