पिपलिया मंडी न्यूज | मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब टोकन होने के बावजूद लहसुन से भरे कई वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। एशिया की प्रमुख लहसुन मंडियों में गिनी जाने वाली पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) में इन दिनों लहसुन की भारी आवक हो रही है, जिसके कारण व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
लेकिन इस बीच टोकनधारी वाहनों को गेट पर रोकने की घटना ने किसानों में भारी नाराजगी पैदा कर दी।
टोकन प्रणाली के बावजूद बढ़ी किसानों की परेशानी
लहसुन की बम्पर आवक को देखते हुए पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) प्रशासन ने वाहनों के प्रवेश के लिए टोकन व्यवस्था लागू की थी। इसका उद्देश्य यह था कि किसान तय समय पर अपनी उपज लेकर मंडी में प्रवेश कर सकें और भीड़भाड़ कम हो।
हालांकि कई किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन मिलने के बावजूद उनके वाहनों को मंडी के मुख्य द्वार पर रोक दिया गया।
किसानों का कहना था कि वे पिछले चार से पांच दिनों से पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) में अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। मंडी परिसर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद वाहनों को अंदर नहीं जाने दिया गया।
देर रात किसानों का फूटा आक्रोश
जब लंबे समय तक वाहन मंडी के बाहर खड़े रहे तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया। देर रात किसानों ने विरोध शुरू कर दिया और मंडी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थिति बिगड़ती देख किसानों ने मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा को मौके पर बुलाया।
करीब रात 12:45 बजे अनिल शर्मा पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) पहुंचे और किसानों से पूरी जानकारी ली। किसानों ने उन्हें बताया कि जितने टोकन जारी किए गए हैं, उतने वाहनों को मंडी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा।
हस्तक्षेप के बाद खुला मंडी गेट
कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने मंडी गेट पर मौजूद कर्मचारियों से चर्चा की और अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
कुछ समय तक बहस और गहमा-गहमी का माहौल रहा, लेकिन आखिरकार टोकनधारी वाहनों को मंडी में प्रवेश देने का निर्णय लिया गया। इसके बाद लहसुन से भरे वाहनों को पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) के अंदर प्रवेश मिल सका और देर रात तक रुकी हुई व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना के बाद अनिल शर्मा ने पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब मंडी परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध है तो टोकनधारी वाहनों को रोकना उचित नहीं है।
उन्होंने सुझाव दिया कि लहसुन की भारी आवक को देखते हुए रात के समय भी किसी जिम्मेदार अधिकारी की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लग सके और किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
मनासा रोड पर जाम की स्थिति
लहसुन की भारी आवक के कारण पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) के आसपास यातायात की समस्या भी बढ़ गई है। मनासा मार्ग पर बड़ी संख्या में लहसुन से भरे वाहन सड़कों के दोनों ओर खड़े रहते हैं।
इस वजह से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है और कई बार एम्बुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं भी इस जाम में फंस जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंडी प्रशासन वाहनों की पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था करे तो इस समस्या से राहत मिल सकती है।
खाली जगह पर पार्किंग की मांग
किसानों और स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) के पीछे मौजूद खाली स्थान का उपयोग वाहनों की पार्किंग के लिए किया जाए।
यदि वहां लहसुन से भरे वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जाए तो सड़क पर लगने वाले जाम को रोका जा सकता है और मंडी की व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।
फिलहाल इस घटना के बाद पिपलिया मंडी (Piplia Mandi) की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
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