मंदसौर। मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत मंदसौर पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मादक पदार्थों और शराब की तस्करी पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार अलर्ट मोड पर है।
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना पुलिस के मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में अवैध शराब (Aveadh Sharab) बरामद की है। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए मक्का के बोरों का सहारा लिया था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और सतर्कता के आगे उनकी यह चाल नाकाम साबित हुई। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय तस्कर को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मुखबिर से मिली थी पुख्ता सूचना
घटना 19 मार्च 2026 की है। नाहरगढ़ थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (सउनि) कन्हैयालाल यादव को एक विश्वस्त मुखबिर से सूचना मिली थी कि शराब माफिया क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। मुखबिर ने स्पष्ट रूप से बताया था कि मल्हारगढ़ की तरफ से एक ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर GJ-36-V-4253) सीतामऊ 8-लेन की ओर जा रहा है, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब (Aveadh Sharab) लोड की गई है।
मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विनोद मीणा के कड़े निर्देशों के तहत, थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया और नापाखेड़ा-बिल्लोद रोड पर सघन नाकाबंदी कर दी।
मक्का के बोरों के नीचे छिपा था नशे का जखीरा
कुछ ही देर की प्रतीक्षा के बाद मुखबिर द्वारा बताया गया संदिग्ध ट्रक वहां पहुंच गया। पुलिस फोर्स ने तुरंत ट्रक को चारों तरफ से घेर कर रुकवा लिया। पहली नजर में जब पुलिस ने ट्रक के डाला को देखा, तो उसमें ऊपर तक सिर्फ मक्का के बोरे लदे हुए दिखाई दे रहे थे। कोई भी आम इंसान इसे एक साधारण मालवाहक ट्रक ही समझता। लेकिन जब पुलिस ने बोरों को हटाकर गहराई से चेकिंग शुरू की, तो उनके भी होश उड़ गए।
मक्का के बोरों के ठीक नीचे अंग्रेजी शराब की पेटियां करीने से छुपाई गई थीं। पुलिस टीम ने जब माल को नीचे उतारकर गिनती की, तो उसमें से कुल 550 पेटियां अवैध शराब (Aveadh Sharab) बरामद हुई। आबकारी विभाग के पैमानों के अनुसार इस शराब की कुल मात्रा 6500 बल्क लीटर बताई जा रही है।
70 लाख रुपये है जब्त शराब की कीमत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री टी. एस. बघेल व एसडीओपी श्री कीर्ति बघेल के कुशल मार्गदर्शन में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक में पुलिस ने न केवल तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरा है, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक चोट भी पहुंचाई है।
पुलिस के अनुसार, मौके से जब्त की गई इस अवैध शराब (Aveadh Sharab) की अनुमानित कीमत बाजार में लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 10 लाख रुपये कीमत के ट्रक (GJ 36 V 4253) को भी पुलिस ने मौके से जब्त कर लिया है।
गुजरात का तस्कर गिरफ्तार, खुल सकते हैं बड़े राज
इस अंतर्राज्यीय तस्करी के मामले में पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान भरत रेबारी (पिता गोगन रेबारी, उम्र 32 साल) के रूप में हुई है, जो वनाडा, तहसील रणावा, जिला पोरबंदर (गुजरात) का मूल निवासी है। गुजरात जैसे ड्राई स्टेट से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति का इस तरह शराब तस्करी में पकड़ा जाना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। फिलहाल आरोपी से थाने में सख्ती से पूछताछ की जा रही है कि वह यह अवैध शराब (Aveadh Sharab) किस डिस्टिलरी या सप्लायर से लेकर आया था और इसे आगे किस शहर या राज्य में डिलीवर किया जाना था। पुलिस को उम्मीद है कि इस रिमांड के दौरान किसी बड़े अंतर्राज्यीय शराब सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
शराब माफियाओं की कमर तोड़ने वाली इस अहम कार्रवाई में नाहरगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी, सउनि कन्हैयालाल यादव, प्रधान आरक्षक 608 दिलावर सिंह, आरक्षक 311 महेंद्र सिंह, आरक्षक 310 विक्रम सिंह, आरक्षक 13 विजयपाल, आरक्षक 349 राजीव सिंह और पुलिस वाहन चालक 411 लियाकत मेव का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
यह भी पढ़ें: Free Legal Aid India: अब बिना पैसे भी मिलेगा न्याय, जानिए पूरी प्रक्रिया और अधिकार















