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Indore Cyber Fraud का खौफनाक सच, एक क्लिक और व्यापारी के उड़े 8.5 लाख!

Indore Cyber Fraud

इंदौर (Indore News) आज के डिजिटल युग में जहां एक तरफ बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, वहीं दूसरी तरफ हैकर्स और साइबर अपराधियों ने आम जनता को लूटने के नए, हाई-टेक और बेहद खतरनाक तरीके ईजाद कर लिए हैं।

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ताज़ा और दिल दहला देने वाला मामला मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से सामने आया है। इस Indore Cyber Fraud ने हर उस इंसान की नींद उड़ा दी है, जो स्मार्टफोन, इंटरनेट बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड का नियमित इस्तेमाल करता है। सिर्फ एक अनजान ऐप डाउनलोड करने की छोटी सी गलती ने पलक झपकते ही एक कपड़ा व्यापारी की साढ़े आठ लाख रुपये की गाढ़ी कमाई लूट ली। एक झटके में व्यापारी की सालों की मेहनत ठगों के बैंक खातों में पहुंच गई।

बैंक अधिकारी बनकर किया कॉल, जाल में फंसा व्यापारी

दरअसल, इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में साइबर ठगी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई है, जिसे सुनकर आप भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल उठाने से खौफ खाएंगे। इस बड़े Indore Cyber Fraud के शिकार हुए हैं बिचौली मर्दाना स्थित आस्कर टाउनशिप के रहने वाले रोहित विजयवर्गीय। रोहित पेशे से एक प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी हैं और शहर में उनका अपना एक बड़ा कपड़ों का शोरूम भी है।

घटना 13 मार्च की है। रोहित अपने रोज़मर्रा के व्यापारिक कामकाज में व्यस्त थे, तभी उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले शख्स ने बेहद पेशेवर और मीठी आवाज़ में बात करते हुए खुद को एक नामी बैंक का आधिकारिक प्रतिनिधि बताया। उसने रोहित को एचएसबीसी (HSBC) बैंक का नया और बेहद आकर्षक ‘लाइफटाइम फ्री’ क्रेडिट कार्ड ऑफर किया।

चूंकि रोहित पहले से ही अमेरिकन एक्सप्रेस, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक सहित पांच अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए उन्हें इस कॉल पर जरा भी शक नहीं हुआ। ठग के झांसे में आकर उन्होंने नए कार्ड के लिए अपनी हामी भर दी। बस यहीं से इस भयानक और सुनियोजित ठगी की असली स्क्रिप्ट शुरू हुई।

सिर्फ एक लिंक और ऐप डाउनलोड करते ही फोन हुआ हैक

व्यापारी का विश्वास पूरी तरह से जीतने के बाद शातिर ठग ने रोहित को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। उसने रोहित से कहा कि नए कार्ड को एक्टिवेट करने या केवाईसी (KYC) की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें एक एप्लिकेशन डाउनलोड करना होगा।

रोहित ने बिना कुछ सोचे-समझे उस लिंक पर क्लिक किया और ऐप इंस्टॉल कर लिया। यह कोई आम ऐप नहीं था, बल्कि एक स्क्रीन-शेयरिंग और रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन (जैसे एनीडेस्क या टीमव्यूअर) था।

जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुआ, उनके मोबाइल का पूरा सिस्टम हैक हो गया और फोन का रिमोट एक्सेस जालसाजों के हाथों में चला गया। ठगों ने कुछ ही मिनटों तक उनके फोन को रिमोटली अपने कंट्रोल में रखा। इस दौरान उन्होंने फोन में मौजूद बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी (OTP) और अन्य संवेदनशील जानकारियां चुरा लीं और फिर बड़ी चालाकी से फोन काट दिया। यह Indore Cyber Fraud का एक ऐसा शातिर तरीका है जिसमें पीड़ित को भनक तक नहीं लगती कि उसके फोन का कंट्रोल किसी और के हाथ में है और बैकग्राउंड में उसके खाते खाली किए जा रहे हैं।

5 क्रेडिट कार्ड से उड़े 8.5 लाख रुपये, ऐसे खुला राज

इस Indore Cyber Fraud का असली खुलासा तब हुआ जब कुछ देर बाद रोहित की पत्नी ने उन्हें बताया कि उनके फोन पर कोई कॉल नहीं आ रहा है। रोहित का मोबाइल चालू था, लेकिन शातिर ठगों ने उनके नंबर की सभी कॉल्स डायवर्ट कर दी थीं। इसका मुख्य मकसद यह था कि बैंक से वेरिफिकेशन के लिए आने वाले कॉल या पैसे कटने के तुरंत बाद आने वाले अलर्ट रोहित तक न पहुंच सकें।

शक होने पर जब रोहित ने अपना स्मार्टफोन रीस्टार्ट किया, तो स्क्रीन देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मोबाइल स्क्रीन पर एक के बाद एक बैंक के ट्रांजेक्शन मेसेज फ्लैश होने लगे। इन मेसेजेस में स्पष्ट जानकारी दी गई थी कि उनके अमेरिकन एक्सप्रेस, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक सहित अलग-अलग क्रेडिट कार्ड से कुल साढ़े आठ लाख (8.5 Lakh) रुपये निकाले जा चुके हैं। पल भर में ही उनकी आंखों के सामने उनकी जमापूंजी लुट चुकी थी।

कनाड़िया थाने में मामला दर्ज, पुलिस की जांच तेज

ठगी का अहसास होते ही रोहित ने बिना कोई देरी किए तुरंत अपने सभी बैंकों के कस्टमर केयर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक करवाए और साइबर पुलिस की ओर रुख किया। मामले की गंभीरता और रकम बड़ी होने के कारण साइबर सेल ने प्राथमिक जांच के बाद इस Indore Cyber Fraud केस को कनाड़िया पुलिस थाने को सौंप दिया है।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस उन बैंक खातों की डिटेल गहराई से खंगाल रही है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों के नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए अलर्ट: कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से?

इस हाई-प्रोफाइल Indore Cyber Fraud के बाद पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ने आम जनता के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी अपनी जीवन भर की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं और इस तरह की डिजिटल ठगी से बचना चाहते हैं, तो इन महत्वपूर्ण बातों का हमेशा सख्ती से पालन करें:

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें: एसएमएस, ईमेल या व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक को कभी न खोलें, चाहे वह कितना भी लुभावना ऑफर क्यों न हो।

  • स्क्रीन शेयरिंग ऐप से दूर रहें: कोई भी असली बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी ग्राहकों से ‘एनीडेस्क’ (AnyDesk), ‘क्विक सपोर्ट’ (QuickSupport) या स्क्रीन शेयर करने वाला कोई भी थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता है। इसे कभी इंस्टॉल न करें।

  • ओटीपी (OTP) किसी से साझा न करें: बैंक अधिकारी कभी भी आपसे आपका ओटीपी, सीवीवी (CVV), पासवर्ड या पिन नहीं मांगते हैं।

  • फोन की अजीब एक्टिविटी पर नज़र रखें: अगर आपको लगे कि आपका फोन अचानक हैंग हो रहा है, खुद-ब-खुद काम कर रहा है या बिना वजह कॉल्स नहीं आ रहे हैं, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें और फोन को ‘फ्लाइट मोड’ (Flight Mode) पर डालें।

  • तुरंत रिपोर्ट करें: ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करें और ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) में शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

यह घटना इस बात का स्पष्ट सुबूत है कि साइबर ठग अब तकनीकी रूप से कितने एडवांस और शातिर हो चुके हैं। कनाड़िया पुलिस अब इस गैंग की तलाश में जुट गई है, लेकिन असली बचाव आपकी अपनी सतर्कता और जागरूकता में ही छिपा है। याद रखें, आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।


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