बिसलवास खुर्द न्यूज (Bisalavaas Khurd News)। नीमच जनपद क्षेत्र के बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) गांव में लंबे समय से अधूरा पड़ा डोम निर्माण अब ग्रामीणों के लिए खतरे की वजह बनता जा रहा है। हाल ही में हुए एक हादसे ने इस लापरवाही को उजागर कर दिया है। शनिवार और रविवार की रात गेहूं से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माण स्थल पर खोदे गए गड्ढे में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) में आक्रोश का माहौल है।
अंधेरे में गड्ढा बना हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार किसान प्रेम शंकर नागदा अपने खेत से गेहूं लेकर घर लौट रहे थे। जब वे गांव के भेसा श्री माताजी मंदिर के पास पहुंचे, तो उन्हें रास्ते में खोदा गया गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दिया। यह गड्ढा डोम निर्माण के लिए बनाया गया था।
अचानक ट्रैक्टर गड्ढे में जा गिरा और असंतुलित होकर पलट गया। हालांकि ट्रॉली पूरी तरह नहीं पलटी, जिससे गेहूं सुरक्षित रहा। सबसे राहत की बात यह रही कि चालक को गंभीर चोट नहीं आई और वे सुरक्षित बाहर निकल आए। इस घटना के बाद बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे।
बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) में बढ़ती लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का सीधा उदाहरण है। बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) में पिछले 9 महीनों से डोम निर्माण अधूरा पड़ा है। गड्ढा खोदने के बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया गया और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए।
गड्ढे के चारों ओर न तो कोई घेराबंदी की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में रात के समय यह स्थान दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है।
9 महीने से ठप पड़ा निर्माण कार्य
ग्रामीणों के अनुसार, इस डोम का निर्माण विधायक निधि से स्वीकृत हुआ था, जिसकी लागत लगभग 15 लाख रुपये है। इसमें से करीब 13.5 लाख रुपये पंचायत के खाते में आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ पाया।
बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) में सिर्फ गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। इससे ग्रामीणों को लगातार परेशानी हो रही है और उनका भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।
पहले भी किया गया विरोध
यह पहला मौका नहीं है जब बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) के लोगों ने इस मुद्दे को उठाया हो। करीब तीन महीने पहले, 21 दिसंबर को ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो वे राजनीतिक स्तर पर बड़ा कदम उठाएंगे।
हालांकि उस विरोध के बाद कुछ हलचल जरूर हुई और गड्ढा खोदा गया, लेकिन निर्माण फिर से ठप हो गया।
भूमि पूजन में देरी बना कारण
ग्रामीणों का आरोप है कि डोम निर्माण का कार्य भूमि पूजन न होने के कारण रुका हुआ है। जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार आश्वासन देने के बावजूद अब तक भूमि पूजन नहीं किया गया।
इस वजह से पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है औरबिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) के लोग इसके दुष्परिणाम झेल रहे हैं।
हादसे के बाद बढ़ा गुस्सा
हादसे के बाद बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) में लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर काम पूरा कर लिया जाता या कम से कम सुरक्षा के उपाय किए जाते, तो यह हादसा टल सकता था।
अब ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि या तो निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए या गड्ढे को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों की धीमी गति और लापरवाही को दर्शाती है। बिसलवास खुर्द (bisalavaas khurd) का यह मामला अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं। ग्रामीणों को अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
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