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नीमच में बैंकर्स की बैठक: कलेक्टर के 5 बड़े फैसले, 25 मार्च से पहले हर हाल में पूरा करना होगा लक्ष्य

Bankers Meeting

नीमच। जिले में आयोजित अहम बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 मार्च से पहले सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए।

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कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में जिले की विभिन्न स्व-रोजगार और हितग्राही मूलक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले ने अब तक बेहतर प्रदर्शन किया है और प्रदेश स्तर पर अच्छी रैंक हासिल की है, लेकिन शेष कार्य समय पर पूरा करना उतना ही जरूरी है।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ, एलडीएम, नाबार्ड और आरबीआई के प्रतिनिधियों सहित सभी बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

लंबित प्रकरणों को लेकर सख्त निर्देश

इस बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में सबसे ज्यादा फोकस उन प्रकरणों पर रहा जो अभी तक बैंकों में स्वीकृति के लिए लंबित हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी बैंक 25 मार्च से पहले इन मामलों को स्वीकृत करें और हितग्राहियों को ऋण वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य पूरा करना अब प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं होगी।

संयुक्त अभियान से बढ़ेगा लाभार्थियों का दायरा

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी महीने से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों का समन्वय होगा। इस अभियान के तहत लाड़ली बहना योजना, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों की मदद से लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

इन योजनाओं में प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना प्रमुख रूप से शामिल हैं। बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में यह तय किया गया कि हर पात्र व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा।

पशुपालकों के लिए KCC अभियान

इस बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में पशुपालकों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। 1 अप्रैल से जिले में केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले को पूरी तरह से सैचुरेट करना है।

पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी पात्र पशुपालकों के आवेदन तैयार कर बैंकों में प्रस्तुत करें। वहीं बैंकर्स को निर्देशित किया गया कि वे इन आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करें। जानकारी के अनुसार, जिले में इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार से अधिक पशुपालकों को 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऋण वितरित किया जा चुका है।

CD रेश्यो और NPA सुधार पर जोर

बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में कलेक्टर ने बैंकों के सीडी रेश्यो (क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात) को बढ़ाने और एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) को कम करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह जरूरी है कि ऋण वितरण बढ़े और डिफॉल्ट कम हो।

बैठक के दौरान एक बैंक प्रबंधक की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे साफ संकेत मिला कि प्रशासन अब अनुशासन को लेकर सख्त है।

ब्याज अनुदान और अन्य योजनाओं की समीक्षा

कलेक्टर ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे स्वीकृत प्रकरणों में ब्याज अनुदान का क्लेम कर 25 मार्च से पहले लाभार्थियों को भुगतान सुनिश्चित करें। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लंबित मामलों को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।

इस बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) में यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन अब केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम भी सुनिश्चित करेगा। सभी अधिकारियों और बैंकर्स को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का साफ संदेश

पूरी बैंकर्स की बैठक (Bankers Meeting) का सार यही रहा कि 25 मार्च की समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिले में इस तरह की सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में योजनाओं का लाभ तेजी से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा और नीमच जिला अपनी उत्कृष्ट स्थिति को और मजबूत करेगा।


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