BCCI Central Contract 2026: भारतीय क्रिकेट में भूचाल! A+ कैटेगरी होगी खत्म, रोहित-विराट को सीधे ‘ग्रेड B’ में धकेलने की तैयारी?

BCCI Central Contract 2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के गलियारों से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो फैंस और क्रिकेट दिग्गजों को चौंका सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सालाना अनुबंध यानी BCCI Central Contract 2026 में अब तक का सबसे क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। अगर सूत्रों की मानें, तो बोर्ड उस एलीट ‘A+’ कैटेगरी को हमेशा के लिए खत्म करने का मन बना चुका है, जो अब तक टीम इंडिया के सबसे बड़े सुपरस्टार्स की पहचान हुआ करती थी।
इस फैसले का सबसे गहरा असर किसी और पर नहीं, बल्कि पिछले एक दशक से भारतीय क्रिकेट की धुरी रहे रोहित शर्मा और विराट कोहली पर पड़ने वाला है।
7 करोड़ वाली ‘बादशाहत’ पर खतरा
BCCI Central Contract 2026 के अब तक के स्ट्रक्चर में ‘ग्रेड A+’ सबसे ऊपर थी, जिसमें शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फीस मिलती थी। इस लिस्ट में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता था। लेकिन अब खबर है कि चयन समिति ने बीसीसीआई को प्रस्ताव दिया है कि इस टॉप कैटेगरी को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए।
BCCI Central Contract 2026 के लिए जो ड्राफ्ट तैयार हो रहा है, उसमें केवल तीन श्रेणियां रखने की सिफारिश की गई है:
ग्रेड A
ग्रेड B
ग्रेड C
इसका सीधा मतलब है कि अब 7 करोड़ रुपये वाली स्लैब इतिहास बन सकती है। यह प्रस्ताव अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने दिया है, जिसका मकसद कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को सरल और परफॉर्मेंस-आधारित बनाना है।
रोहित और विराट का ऐतिहासिक डिमोशन?
शायद ही किसी ने सोचा होगा कि भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ—रोहित शर्मा और विराट कोहली—को कभी ‘ग्रेड B’ में देखा जाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के सूत्रों के अनुसार, चूंकि ये दोनों दिग्गज टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ सीमित फॉर्मेट खेल रहे हैं, इसलिए नए BCCI Central Contract 2026 में इन्हें सीधे ‘ग्रेड B’ में डाला जा सकता है।
यह एक दशक में पहली बार होगा जब विराट और रोहित टॉप टियर कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा नहीं होंगे। अब तक ये दोनों, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा के साथ A+ कैटेगरी की शान बढ़ाते थे। लेकिन नए समीकरणों के हिसाब से, बोर्ड इन्हें ग्रेड A में भी नहीं, बल्कि उससे नीचे रखने पर विचार कर रहा है।
पाकिस्तान की राह पर चल पड़ा BCCI?
दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई का यह संभावित फैसला हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की हालिया नीति से मेल खाता है। पीसीबी ने भी हाल ही में अपनी टॉप कैटेगरी को खत्म कर दिया था। ऐसा लगता है कि भारतीय बोर्ड भी अब उसी दिशा में सोच रहा है, जहां सुपरस्टार कल्चर की जगह फॉर्मेट और उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाएगी।
पिछले कॉन्ट्रैक्ट (2024-25) की स्थिति क्या थी?
ताजा स्थिति को समझने के लिए हमें पिछले साल के कॉन्ट्रैक्ट पर नजर डालनी होगी। अप्रैल 2025 में जब लिस्ट जारी हुई थी, तो स्थिति कुछ इस प्रकार थी:
ग्रेड A+ (7 करोड़): रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा।
ग्रेड A (5 करोड़): आर अश्विन, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या।
ग्रेड B (3 करोड़): सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, यशस्वी जायसवाल।
ग्रेड C (1 करोड़): रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, रुतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, जितेश शर्मा, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, केएस भरत, प्रसिद्ध कृष्णा, आवेश खान, रजत पाटीदार।
नए बदलाव के मायने क्या हैं?
अगर BCCI Central Contract 2026 में यह बदलाव लागू होता है, तो इसका असर सिर्फ रोहित-विराट पर नहीं, बल्कि जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा पर भी पड़ेगा। बुमराह, जो तीनों फॉर्मेट खेल रहे हैं, उनके लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड उन्हें किस श्रेणी में रखता है। क्या तीनों फॉर्मेट खेलने वाले एकमात्र प्रमुख गेंदबाज होने के नाते उन्हें ‘ग्रेड A’ में विशेष स्थान मिलेगा, या उन्हें भी नई व्यवस्था के तहत नुकसान उठाना पड़ेगा?
जानकारों का मानना है कि बोर्ड अब युवाओं पर ज्यादा निवेश करना चाहता है। शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी, जो भविष्य का चेहरा हैं, उन्हें नए कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा फायदा मिल सकता है।
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