नीमच में जनता को मिली बड़ी राहत: पुलिस जन सुनवाई में 27 शिकायतों का ‘ऑन-द-स्पॉट’ निपटारा

नीमच: आम जनता और पुलिस प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने के लिए आयोजित नीमच पुलिस जन सुनवाई (Neemuch Police Jan Sunwai) इस मंगलवार को फरियादियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस शिविर में न केवल शिकायतें सुनी गईं, बल्कि अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनका तुरंत समाधान भी किया। एएसपी नवल सिंह सिसोदिया की अगुवाई में आयोजित इस शिविर में पुलिस की सक्रियता ने यह साबित कर दिया कि अब शिकायतों पर केवल तारीखें नहीं, बल्कि न्याय मिलेगा।

TOMP Advt-1

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर महाअभियान

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) और उज्जैन जोन के आईजी श्री उमेश जोगा ने जोन के सभी जिलों में पेंडिंग शिकायतों को खत्म करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उनका उद्देश्य है कि सीएम हेल्पलाइन और थानों में धूल फांक रही शिकायतों का जल्द से जल्द निराकरण हो। इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए एसपी श्री अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में नीमच पुलिस जन सुनवाई और विशेष शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया।

एएसपी ने खुद सुनीं समस्याएं

मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में आयोजित इस शिविर में एएसपी श्री नवल सिंह सिसोदिया ने मोर्चा संभाला। अक्सर लोग पुलिस के पास जाने से कतराते हैं, लेकिन नीमच पुलिस जन सुनवाई का माहौल बेहद सकारात्मक था। एएसपी ने एक-एक कर सभी आवेदकों को अपने पास बुलाया, उनकी फाइलें देखीं और पूरी गंभीरता से उनकी बात सुनी।

इस दौरान सीएम हेल्पलाइन की उन शिकायतों पर विशेष जोर दिया गया जो लंबे समय से अटकी हुई थीं। कई मामलों में तो एएसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को उसी वक्त फोन लगाया और कार्यवाही के निर्देश दिए। अधिकारियों के इस रवैये से फरियादियों में विश्वास की भावना जागी।

27 लोगों को मिला तुरंत न्याय

इस शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नीमच पुलिस जन सुनवाई में करीब 27 आवेदक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। इनमें आपसी विवाद, धोखाधड़ी और घरेलू कलह जैसे मामले शामिल थे। एसपी श्री अंकित जायसवाल और एएसपी श्री सिसोदिया ने इन सभी 27 मामलों को गंभीरता से लिया।

जिन मामलों का निराकरण आपसी सहमति या कानूनी दायरे में तुरंत संभव था, उन्हें वहीं सुलझा दिया गया। वहीं, जिन शिकायतों में जांच की जरूरत थी, उनके लिए थाना प्रभारियों को समय-सीमा (Deadline) देकर जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। आवेदकों ने माना कि नीमच पुलिस जन सुनवाई में उन्हें जो त्वरित प्रतिक्रिया मिली, वह सराहनीय है।

सीएम हेल्पलाइन: असंतुष्ट आवेदकों की शंकाएं हुईं दूर

सीएम हेल्पलाइन निवारण शिविर में ऐसे कई आवेदक आए थे जो पूर्व की कार्यवाही से खुश नहीं थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बुलाकर संतुष्टिपूर्वक सुना और कानूनी प्रक्रिया समझाई। संतुष्ट होने के बाद कई आवेदकों ने खुशी-खुशी अपनी शिकायतें बंद करवाईं। यह प्रशासन की पारदर्शिता को दर्शाता है।

पूरी टीम रही मुस्तैद

इस आयोजन को सफल बनाने में सिर्फ वरिष्ठ अधिकारी ही नहीं, बल्कि पूरी पुलिस टीम का योगदान रहा। शिविर में सीएसपी सुश्री किरण चौहान, मनासा प्रभारी एसडीओपी और डीएसपी (महिला सुरक्षा) सुश्री निकीता सिंह सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

भविष्य में भी नीमच पुलिस जन सुनवाई

जैसे आयोजन जारी रहेंगे ताकि आमजन को अपनी बात रखने के लिए एक सुलभ मंच मिलता रहे। पुलिस का यह प्रयास बताता है कि विभाग अब ‘जन सेवा’ के अपने मूल मंत्र को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।


यह भी पढ़ें: BCCI Central Contract 2026: भारतीय क्रिकेट में भूचाल! A+ कैटेगरी होगी खत्म, रोहित-विराट को सीधे ‘ग्रेड B’ में धकेलने की तैयारी?

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Stay in the Loop

Get the daily email from CryptoNews that makes reading the news actually enjoyable. Join our mailing list to stay in the loop to stay informed, for free.

Latest stories

- Advertisement - spot_img

You might also like...