भोपाल मर्डर केस: गुरुभाई ने सीने में घोंपा 13 बार चाकू; 3 बच्चों के कातिल ने ‘बहन’ को मारने के बाद ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

Bhopal Murder Case

Bhopal Murder Case

भोपाल (MP NEWS): राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में सोमवार की शाम रिश्तों के कत्ल और खौफनाक बदले की एक ऐसी दास्तां लिखी गई, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी। एक शख्स, जिसे महिला अपना ‘गुरुभाई’ मानती थी और जिसने विपत्ति के समय उसे अपने घर में पनाह दी, उसी ने विश्वास की डोर को 13 बार चाकू से गोदकर तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाले भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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हैरानी की बात यह है कि आरोपी कोई सामान्य अपराधी नहीं था। वह अपने ही 3 बच्चों का कातिल रह चुका था और जेल की सजा काट चुका था। महिला की हत्या करने के बाद, आरोपी ने खुद भी ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली।

 वहशीपन की हदें पार: 9 वार सीने पर, 3 पेट में

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी प्रीतम कुशवाहा (45) ने मृतका दुर्गा कुशवाहा पर एक या दो नहीं, बल्कि ताबड़तोड़ 13 वार किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दरिंदे ने महिला के सीने पर 9 बार, पेट में 3 बार और गर्दन पर एक गहरा वार किया। हमला इतना घातक था कि दुर्गा को संभलने या चीखने तक का मौका नहीं मिला। खून से लथपथ दुर्गा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इस भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) की गंभीरता को देखते हुए गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था।

सफाई के बहाने मौत के कमरे में ले गया

भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने बताया कि वारदात को सोमवार शाम करीब 5 बजे अंजाम दिया गया। पूर्वी निशातपुरा की रहने वाली 45 वर्षीय दुर्गा कुशवाहा का पास में ही एक मकान बन रहा था। आरोपी प्रीतम कुशवाहा, जो कि दुर्गा को अपनी गुरुबहन मानता था, उसे “नए मकान की सफाई करनी है” कहकर वहां ले गया।

दुर्गा को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस कमरे में वह सफाई करने जा रही है, वह उसकी कब्रगाह बनने वाला है। निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में ले जाकर प्रीतम ने पहले से छिपाकर रखे चाकू से उस पर हमला कर दिया। चूंकि घर पर महिला का पति (जो पेशे से ड्राइवर है) और बेटा मौजूद नहीं थे, इसलिए आरोपी को इस भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) को अंजाम देने का पूरा मौका मिल गया।

क्यों बना रक्षक से भक्षक? घर खाली करने का विवाद

भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) में इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है। मृतका के दामाद महेश कुशवाहा ने बताया कि प्रीतम कुशवाहा मूल रूप से सागर जिले के तेंदूखेड़ा गांव का रहने वाला था। दुर्गा भी उसी गांव की थी, इसलिए दोनों के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था। महेश ने बताया,

प्रीतम ने सालों पहले अपने ही 3 बच्चों की हत्या कर दी थी। इस जुर्म में वह जेल में था। पिछले साल ही वह जेल से रिहा हुआ था। जब वह अपने गांव वापस गया, तो वहां के ग्रामीणों ने ऐसे दरिंदे को गांव में घुसने नहीं दिया। बेघर होने पर वह भोपाल आ गया और मेरी सास दुर्गा ने इंसानियत के नाते उसे पनाह दी।”

लेकिन यही पनाह दुर्गा की मौत का कारण बन गई। आरोपी भोपाल में सब्जी का ठेला लगाता था और दुर्गा के घर में ही रहता था। पिछले 6 महीनों से दुर्गा और उसका परिवार प्रीतम पर घर खाली करने का दबाव बना रहा था। बहू ने पुलिस को बताया कि हम उसे कई बार चेतावनी दे चुके थे, लेकिन वह घर छोड़ने को तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता था और वह सुसाइड करने की धमकी देता था।

अपराधी का खौफनाक रिकॉर्ड और अंत

प्रीतम का मानसिक स्तर सामान्य नहीं था। वह अक्सर छोटी-मोटी बातों पर दुर्गा के परिवार को धमकाता था। कभी-कभी वह किराए के नाम पर कुछ पैसे देता, लेकिन ज्यादातर समय वह परिवार पर बोझ बना हुआ था। विवाद होने पर वह खाना-पीना छोड़ देता और आत्महत्या की धमकी देकर परिवार को इमोशनल ब्लैकमेल करता था।

सोमवार को जब उसने देखा कि अब उसे घर से निकाला जा सकता है, तो उसने इस खौफनाक भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) की साजिश रच डाली। दुर्गा की हत्या करने के बाद, आरोपी प्रीतम सीधे रेलवे ट्रैक की ओर भागा और वहां ट्रेन के सामने आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को उसका शव क्षत-विक्षत हालत में मिला।

पुलिस जांच और इलाके में दहशत

गौतम नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। एक शख्स जिसने पहले अपने बच्चों को मारा, और अब अपनी मुंहबोली बहन को, उसकी मानसिकता ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस भोपाल मर्डर केस (Bhopal Murder Case) के बाद इलाके की महिलाएं सहमी हुई हैं। एक अपराधी को पनाह देना कैसे एक हंसते-खेलते परिवार की बर्बादी का कारण बन गया, यह घटना हर किसी के लिए एक सबक है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या हत्या में कोई और भी शामिल था या यह प्रीतम का अकेले का पागलपन था। फिलहाल, दुर्गा का परिवार गहरे सदमे में है, क्योंकि उनका अपना ही भरोसेमंद शख्स उनका काल बन गया।


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