बजट 2026: मध्यम वर्ग को टैक्स में ‘नो चेंज’ का झटका, क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? 12 लाख की इनकम पर टैक्स का नया गणित!

Budget 2026

Budget 2026

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में Budget 2026 पेश किया। 85 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने विकसित भारत की दिशा में कई बड़े कदम उठाए, लेकिन मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न करके कई लोगों को निराश भी किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए इस बार सरकार का सबसे बड़ा फोकस देश की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा। 

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इनकम टैक्स: राहत की उम्मीद टूटी, फाइलिंग प्रोसेस हुआ आसान

Budget 2026 की सबसे चर्चित बात इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होना रही। वेतनभोगी वर्ग को उम्मीद थी कि महंगाई को देखते हुए टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जाएगी, लेकिन सरकार ने ‘यथास्थिति’ बनाए रखी।

न्यू टैक्स रिजीम का गणित: न्यू टैक्स रिजीम के तहत अभी भी 12 लाख रुपये तक की आय पर ‘जीरो टैक्स’ का प्रावधान बना हुआ है। हालांकि, यह केवल तब प्रभावी होता है जब आप धारा 87A के तहत मिलने वाली टैक्स रिबेट (छूट) का लाभ लेते हैं। यदि आपकी आय 12,00,001 रुपये भी हो जाती है, तो आपको ₹60,000 से अधिक का टैक्स चुकाना पड़ सकता है। सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा, जिसका मुख्य लक्ष्य टैक्स चोरी रोकना और फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

राहत के नाम पर केवल एक घोषणा हुई है: अब करदाता अपना संशोधित रिटर्न (Revised Return) 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक भर सकेंगे। यानी गलती सुधारने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।

डिफेंस बजट: 15.2% की भारी बढ़ोत्तरी

देश की सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए Budget 2026 में रक्षा बजट को ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह सुरक्षा के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम है।

  • आधुनिकीकरण: हथियारों की खरीद और नई तकनीक के लिए आवंटन में 22% की वृद्धि की गई है।

  • स्वदेशी ताकत: विमान और एयरो इंजन के विकास के लिए ₹64,000 करोड़ दिए गए हैं, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा निवेश है।

स्वास्थ्य और शिक्षा: कैंसर का इलाज होगा सस्ता

स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने Budget 2026 में बड़ा दिल दिखाया है। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाओं पर से कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। इससे एडवांस कैंसर का इलाज करवा रहे परिवारों को लाखों रुपये की बचत होगी। इसके अलावा, देश में 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS खोलने की घोषणा की गई है, जो आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के बराबर खड़ा करने की कोशिश है।

Budget 2026 में शिक्षा के क्षेत्र में, 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ की स्थापना की जाएगी। यह दर्शाता है कि सरकार अब पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल स्किल्स को भी महत्व दे रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

रेलवे के लिए Budget 2026 में भविष्य की योजनाएं पेश की गई हैं। दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और हैदराबाद-बेंगलुरु जैसे रूटों पर 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। साथ ही, अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे, जिससे माल ढुलाई सस्ती होगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

शेयर बाजार और निवेश पर असर

Budget 2026 में शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खबर थोड़ी कड़वी है। फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर ट्रेडिंग पर अब 0.02% के बजाय 0.05% टैक्स लगेगा। इसका उद्देश्य बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी को कम करना है, लेकिन इससे छोटे ट्रेडर्स का मुनाफा जरूर प्रभावित होगा।

बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा?

Budget 2026 में कस्टम ड्यूटी (आयात शुल्क) में बदलाव के कारण कई चीजों के दाम प्रभावित होते हैं। यहाँ Budget 2026 के अनुसार पूरी सूची दी गई है:

क्या सस्ता हुआ? 

  • कैंसर की दवाएं: 17 कैंसर रोधी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

  • दुर्लभ बीमारियाँ: हीमोफीलिया और सिकल सेल जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां ड्यूटी फ्री की गई हैं।

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV): लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ाई गई है, जिससे EV सस्ते हो सकते हैं।

  • सोलर पैनल: सोलर ग्लास बनाने वाले कच्चे माल ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर ड्यूटी हटा दी गई है।

  • माइक्रोवेव ओवन: इसके खास पुर्जों पर ड्यूटी कम होने से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और कीमतें घट सकती हैं।

  • विदेशी सामान: निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से मंगवाए जाने वाले सामान पर टैक्स 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।

  • हवाई यात्रा: एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस (MRO) पुर्जों पर ड्यूटी हटने से विमानन क्षेत्र की लागत कम होगी।

क्या महंगा हुआ?

  • शराब: शराब पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है।

  • शेयर बाजार ट्रेडिंग: फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी होगी।


सरकार के सकारात्मक कदम (Positive Steps)

Budget 2026 में सरकार ने कुछ ऐसे दूरगामी फैसले लिए हैं जो देश की नींव मजबूत करेंगे:

  1. ऐतिहासिक रक्षा बजट: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद रक्षा बजट में 15.2% की भारी वृद्धि की गई है, जो सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ आवंटित करता है।

  2. स्वास्थ्य क्रांति: 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS और 5 मेडिकल हब बनाने की घोषणा की गई है।

  3. शिक्षा और स्किलिंग: 15 हजार स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ की स्थापना डिजिटल शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।

  4. टैक्स फाइलिंग में राहत: रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करना करदाताओं के लिए बड़ी सुविधा है।

  5. महिलाओं के लिए SHE-मार्ट: लखपति दीदी मॉडल की सफलता के बाद महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष बाजार की योजना सराहनीय है।


बजट से हुई निराशा (Disappointments)

सकारात्मक कदमों के बावजूद, Budget 2026 Updates ने कुछ क्षेत्रों में निराशा भी छोड़ी है:

  • मध्यम वर्ग की अनदेखी: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे महंगाई से जूझ रहे वेतनभोगी वर्ग को कोई सीधी राहत नहीं मिली।

  • ट्रेडर्स पर अतिरिक्त बोझ: शेयर बाजार में छोटे निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए STT बढ़ाना एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

  • 12 लाख का ‘टैक्स जाल’: 12 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स तभी है जब आय इस सीमा के अंदर रहे; एक रुपया भी ऊपर होने पर पुरानी दरों से भारी टैक्स चुकाना पड़ता है।

  • चुनावी राज्यों के लिए सीधी घोषणा का अभाव: इस साल कई राज्यों में चुनाव हैं, लेकिन बजट में उनके लिए किसी विशेष ‘लोक-लुभावन’ पैकेज की कमी खली।

निष्कर्ष: संतुलन साधने की कोशिश

यह Budget 2026 स्पष्ट रूप से ‘उपभोग’ के बजाय ‘उत्पादन’ और ‘सुरक्षा’ पर केंद्रित है। जहाँ एक ओर आम आदमी को टैक्स दरों में कटौती न मिलने से निराशा हुई है, वहीं कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज सस्ता होना और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना सरकार की प्राथमिकताएं दर्शाता है।


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