नगर परिषद चित्तौड़गढ़ में ₹18 करोड़ का ‘कचरा खेल’? पूर्व सभापति के आरोपों से मचा हड़कंप
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
27 फ़रवरी 2026, (अपडेटेड 27 फ़रवरी 2026, 10:14 पूर्वाह्न IST)

चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh News): राजस्थान के ऐतिहासिक शहर चित्तौड़गढ़ में इन दिनों कचरे से ज्यादा भ्रष्टाचार की चर्चाएं गर्म हैं। Nagar Parishad Chittorgarh द्वारा हाल ही में जारी किए गए ₹18.27 करोड़ के ‘घर-घर कचरा संग्रहण’ टेंडर को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर एक ‘खास’ फर्म को फायदा पहुँचाने की जुगत भिड़ाई गई है। कांग्रेस के निवर्तमान सभापति संदीप शर्मा और पूर्व पार्षदों ने इस निविदा प्रक्रिया को पूरी तरह ‘फिक्स्ड’ बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

भ्रष्टाचार की बू: क्या एक फर्म के लिए बदले गए नियम?

चित्तौड़गढ़ की सफाई व्यवस्था के नाम पर जारी इस भारी-भरकम बजट वाले टेंडर पर सवाल उठना लाजिमी है। संदीप शर्मा का आरोप है कि ‘हरिओम ट्रेडर्स’ नाम की एक फर्म को उपकृत करने के लिए Nagar Parishad Chittorgarh के जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद ली हैं।

Nagar Parishad Chittorgarh
पूर्व सभापति संदीप शर्मा ने आज नगर परिषद आयुक्त से मिलकर हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने की बात कहीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस फर्म को तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया गया है, उसके पास इस स्तर के काम का न तो कोई बड़ा अनुभव है और न ही आवश्यक संसाधन। इसके बावजूद, उपापन समिति ने उसे हरी झंडी दिखा दी। शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह फैसला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरा ‘सियासी दबाव’ का नतीजा है, जिससे परिषद को करोड़ों रुपयों का चूना लगना तय है।

₹141 का गणित: राजस्थान की सबसे महंगी कचरा वसूली?

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला पहलू टेंडर की दरें हैं। Nagar Parishad Chittorgarh की इस निविदा में कचरा संग्रहण के लिए ₹141.51 प्रति घर की दर तय की गई है। जानकारों और विपक्षी नेताओं का दावा है कि यह दर पूरे राजस्थान में अब तक की सबसे ऊंची दर है।

विवाद की मुख्य वजहें:

  • सिंगल निविदा की स्वीकार्यता: आखिर क्या वजह थी कि ₹18 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट में सिर्फ एक ही फर्म ने हिस्सा लिया?

  • दरों में विसंगति: इतनी ऊंची दरों को पहली ही बार में मंजूरी देना संदेह के घेरे में है।

  • जनता की गाढ़ी कमाई: शहरवासियों के टैक्स के पैसे का इस तरह से बंदरबांट करने का आरोप विपक्ष लगा रहा है।

निंबाहेड़ा में जो ‘अयोग्य’ थी, वो चित्तौड़गढ़ में ‘खास’ कैसे हुई?

संदीप शर्मा ने Nagar Parishad Chittorgarh के भ्रष्टाचार की कड़ियों को जोड़ते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में पास की ही निंबाहेड़ा नगर परिषद ने इसी ‘हरिओम ट्रेडर्स’ को ₹3 करोड़ के एक छोटे टेंडर के लिए अयोग्य घोषित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

हैरानी की बात यह है कि वही फर्म Nagar Parishad Chittorgarh के ₹18 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए रातों-रात ‘सुपर क्वालिफाइड’ कैसे हो गई? यह विरोधाभास साफ इशारा करता है कि कहीं न कहीं पर्दे के पीछे कोई बड़ा ‘खेला’ चल रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि 3 साल के लिए यह ठेका इस फर्म को दे दिया गया, तो शहर की सफाई व्यवस्था का बंटाधार होना निश्चित है।

आयुक्त की सफाई: ‘सब कुछ पारदर्शी और नियमानुसार’

इन तीखे आरोपों के बीच Nagar Parishad Chittorgarh के आयुक्त कृष्ण गोपाल माली ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने भ्रष्टाचार की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है।

आयुक्त के मुख्य तर्क:

  1. प्री-बिड मीटिंग: टेंडर से पहले बकायदा मीटिंग हुई थी जिसमें कई ठेकेदार आए थे। उनके सुझावों पर शर्तों में संशोधन भी किया गया।

  2. तकनीकी स्कोर: फर्म ने तकनीकी मूल्यांकन में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जिसे उपापन समिति ने परखा है।

  3. अंतिम निर्णय जयपुर में: आयुक्त ने बताया कि फाइल अंतिम फैसले के लिए जयपुर राज्य स्तरीय समिति को भेज दी गई है। शहर में कचरा संग्रहण का काम न रुके, इसके लिए परिषद को जल्द फैसला लेना होगा।

क्या निरस्त होगा टेंडर या शुरू होगा नया विवाद?

चित्तौड़गढ़ की जनता अब इस कश्मकश को देख रही है। एक तरफ Nagar Parishad Chittorgarh के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन की अपनी दलीलें। यदि राज्य सरकार इस टेंडर को मंजूरी देती है, तो 1 अप्रैल से नया ठेका लागू हो जाएगा। लेकिन यदि आरोपों में दम निकला, तो Nagar Parishad Chittorgarh को नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ सकती है।

विपक्ष ने साफ कर दिया है कि अगर इस ‘कचरा कांड’ की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दागी फर्म को काम दिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। शहर की साख और स्वच्छता दोनों दांव पर हैं।


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Aakash Sharma
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