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Malaria Dengue Awareness :नीमच CMHO ने रवाना किया मलेरिया डेंगू जागरूकता रथ, जानें इस मुहिम का पूरा प्लान

Malaria Dengue Awareness

नीमच न्यूज (Neemuch News): मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। हल्की गर्मी की दस्तक के साथ ही मच्छरों के पनपने का खतरा काफी बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) अभियान पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।

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आम जनता को जागरूक करने के एक बड़े लक्ष्य के साथ जिला जनसंपर्क कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग ने एक संयुक्त और अहम कदम उठाया है।

सोमवार को जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश प्रसाद ने मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए एक विशेष रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिले में मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) को बढ़ावा देने के लिए यह रथ मील का पत्थर साबित होगा।

एम्बेड परियोजना (EMBED Project) के सहयोग से विशेष रणनीति

यह जागरूकता रथ कोई साधारण प्रयास नहीं है, बल्कि इसे एक सुनियोजित रणनीति के तहत मैदान में उतारा गया है। इस रथ का संचालन जिले में पहले से काम कर रही ‘एम्बेड परियोजना’ (EMBED Project) के सीधे समन्वय से किया जाएगा।

रथ रवानगी के इस खास मौके पर एम्बेड परियोजना के प्रमुख प्रतिनिधि श्री टीकम नागर के साथ स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य यही है कि स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश सिर्फ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

CMHO ने क्यों कहा कि यह समय है सबसे ज्यादा सतर्क रहने का?

शुभारंभ के अवसर पर डॉ. दिनेश प्रसाद ने वहां मौजूद लोगों और मीडियाकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने मौसम के बदलाव और मच्छरों की उत्पत्ति के बीच के विज्ञान को बहुत ही सरल शब्दों में समझाया।

डॉ. प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। यह वह समय होता है जब मच्छरों को पनपने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण मिलता है।

उन्होंने कहा कि गर्मी के कारण आम व्यक्ति की दिनचर्या में भी काफी बदलाव आता है। लोग अक्सर गर्मी से बचने के लिए रात में छतों पर, आंगनों में या खुले वातावरण में सोते हैं।

खुले में सोने की यही आदत मच्छरों को दावत देती है, जिससे जानलेवा बुखार की चपेट में आने का खतरा दोगुना हो जाता है। इसलिए समय रहते मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) फैलाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि लोग पहले से ही बचाव के उपाय अपना सकें।

क्या है इस जागरूकता रथ का रूट प्लान और कार्यप्रणाली?

मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार, यह रथ एम्बेड के सहयोग से तैयार की गई एक निर्धारित कार्ययोजना (Route Map) के आधार पर काम करेगा। यह रथ नीमच जिले के शहरी वार्डों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करेगा। इसके लिए विशेष माईकिंग (लाउडस्पीकर) सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

माईकिंग के माध्यम से स्थानीय और बहुत ही आम भाषा में लोगों को मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) के प्रति सचेत किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि मच्छर कैसे पनपते हैं और उन्हें शुरुआती चरण में ही कैसे नष्ट किया जा सकता है।

आमजन इन 5 बातों का रखें खास ध्यान:

स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता का सहयोग सबसे अहम है। इस मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) मुहिम के तहत नागरिकों से कुछ बहुत ही आसान लेकिन जीवन रक्षक सावधानियां बरतने की अपील की गई है:

  1. साफ पानी इकट्ठा न होने दें: अपने घरों के आस-पास, छतों पर रखे खाली गमलों, पुराने टायरों, नारियल के खोल या टूटे-फूटे बर्तनों में बरसात या नल का पानी बिल्कुल जमा न होने दें। डेंगू का खतरनाक मच्छर हमेशा साफ पानी में ही अंडे देता है।

  2. कूलर की नियमित सफाई: सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर का पानी पूरी तरह खाली करें, उसे अच्छे से रगड़ कर सुखाएं और फिर से नया पानी भरें।

  3. मच्छरदानी का अनिवार्य प्रयोग: रात के समय सोते वक्त, विशेषकर यदि आप खुले आंगन, बालकनी या छत पर सो रहे हैं, तो मच्छरदानी का उपयोग अपनी आदत में शामिल कर लें।

  4. पूरे कपड़े पहनें: शाम के समय जब मच्छर ज्यादा सक्रिय होते हैं, तब बच्चों को बाहर खेलने भेजते समय पूरी बांह के कपड़े जरूर पहनाएं।

  5. लक्षण दिखने पर लापरवाही न करें: अचानक तेज बुखार, भयंकर सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में जकड़न या उल्टी जैसे लक्षण महसूस होने पर घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तुरंत अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर खून की जांच करवाएं।

जागरूकता में ही है समझदारी

बीमारियों से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका बचाव ही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक हर नागरिक खुद अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक ऐसी बीमारियों को जड़ से खत्म करना संभव नहीं है।

नीमच जिले में शुरू की गई यह मलेरिया डेंगू जागरूकता (Malaria Dengue Awareness) पहल तभी रंग लाएगी जब हर घर से मच्छरों के खिलाफ जंग शुरू होगी। अपने आस-पड़ोस को स्वच्छ रखें, सतर्क रहें और पूरी तरह से स्वस्थ रहें।


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