सांचौर (जालोर)। राजस्थान के जालोर जिले में बुधवार दोपहर एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जब एक एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) नेशनल हाईवे-68 पर पलट गया और उसमें भीषण आग लग गई। यह हादसा इतना खतरनाक था कि कुछ ही मिनटों में आग की लपटें करीब 200 मीटर तक फैल गईं और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) बाड़मेर से गुजरात की ओर जा रहा था। जैसे ही यह टैंकर सिंवाड़ा ओवरब्रिज के पास पहुंचा, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सर्विस रोड की तरफ पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरे ज्वलनशील एथेनॉल ने तुरंत आग पकड़ ली, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए।
Ethanol Tanker हादसे में ड्राइवर की दर्दनाक मौत
इस एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) हादसे में ड्राइवर सुखराम (34) की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई। वह टैंकर के केबिन में फंस गया था और बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल पाया। आग इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोग भी चाहकर उसकी मदद नहीं कर सके।
वहीं, उसके साथ बैठा उसका रिश्तेदार नरसीराम (26) समय रहते टैंकर से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि वह इस दौरान घायल हो गया और उसे तुरंत सिंवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया।
कैसे हुआ हादसा? चश्मदीदों ने बताया घटनाक्रम


घटना के प्रत्यक्षदर्शी जीवाराम मेघवाल ने बताया कि वह अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। उन्होंने देखा कि एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया।
टैंकर के पलटते ही उसमें से एथेनॉल का रिसाव शुरू हो गया। ओवरब्रिज की ढलान के कारण यह ज्वलनशील तरल तेजी से नीचे की ओर बहा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते सड़क आग की लपटों से घिर गई।
Ethanol Tanker में लगी आग बुझाने में लगा एक घंटा
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि आग इतनी भीषण थी कि उसे पूरी तरह काबू में करने में करीब एक घंटे का समय लग गया। इस दौरान नेशनल हाईवे-68 पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के इलाके को खाली कराया और लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए।
बाद में एक निजी कंपनी की फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, जिससे आग बुझाने में अतिरिक्त मदद मिली।
टैंकर में भरा था ज्वलनशील एथेनॉल
जांच में सामने आया है कि एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) में एथेनॉल भरा हुआ था, जो अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होता है। यही कारण रहा कि हादसे के बाद आग इतनी तेजी से फैली और उसने विकराल रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि यह टैंकर पंजाब के भटिंडा से गुजरात के कांडला जा रहा था। टैंकर एक निजी कंपनी का था और नियमित रूप से इस मार्ग पर चलाया जाता था।
घायल का बयान—“अचानक आग लगी, कुछ समझ नहीं आया”

घायल नरसीराम ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार सुखराम के साथ यात्रा कर रहा था। जैसे ही एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) पलटा, तुरंत आग लग गई। उसने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन सुखराम अंदर ही फंस गया।
उसने यह भी बताया कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि टैंकर में एथेनॉल भरा हुआ है। हादसा इतना अचानक हुआ कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस एथेनॉल टैंकर (Ethanol Tanker) हादसे ने एक बार फिर खतरनाक रसायनों के परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे टैंकरों के लिए सख्त नियमों का पालन होना जरूरी है।
ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण देना, वाहनों की नियमित जांच करना और हाईवे पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। सांचौर के एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
यह भी पढ़ें: – Indore EV Fire: चार्जिंग के दौरान लगी आग में 8 की मौत, डिजिटल लॉक बना मौत का कारण














