दारू न्यूज (Neemuch News)। मध्यप्रदेश के नीमच जिले के दारू गांव में इन दिनों एक हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) लगातार चर्चा में बना हुआ है। गांव के 75 वर्षीय निवासी जमनालाल पुरोहित ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि शासकीय हैंडपंप के पास अवैध रूप से लेट्रीन-बाथरूम का निर्माण किया जा रहा है।
उनका कहना है कि यह निर्माण न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि इससे पूरे इलाके के पेयजल स्रोत के दूषित होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) पिछले कुछ समय से गांव में तनाव का कारण बना हुआ है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
20 साल से मोहल्ले का मुख्य जलस्रोत
जमनालाल पुरोहित ने बताया कि उनके घर के पास स्थित शासकीय हैंडपंप करीब 20 वर्षों से आसपास के लोगों को पानी उपलब्ध करा रहा है। मोहल्ले के कई परिवार इसी हैंडपंप से पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी भरते हैं।
गर्मी के मौसम में जब अन्य जलस्रोत सूख जाते हैं, तब यह हैंडपंप पूरे क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण पानी का स्रोत बन जाता है। ऐसे में इसके पास शौचालय निर्माण को लेकर शुरू हुआ हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) अब पूरे गांव के लिए चिंता का विषय बन गया है।
हैंडपंप के पास अवैध निर्माण का आरोप
जमनालाल पुरोहित का आरोप है कि गांव के ही निवासी शंभूलाल पुरोहित द्वारा हैंडपंप के पास अवैध रूप से लेट्रीन और बाथरूम का निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि यह निर्माण जलस्रोत के बेहद करीब किया जा रहा है, जिससे भूजल दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और यह मामला हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad का रूप ले बैठा।
विरोध करने पर धमकी का आरोप
जमनालाल का आरोप है कि जब उन्होंने इस निर्माण कार्य को रोकने की कोशिश की तो शंभूलाल, उसके पुत्र सूरज और भाई श्रवण ने उन्हें धमकाया और मारपीट करने की कोशिश की।
इस घटना के बाद उनका परिवार डरा हुआ है। उनका कहना है कि यह हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) अब केवल अवैध निर्माण का मामला नहीं रह गया, बल्कि उनकी सुरक्षा से भी जुड़ गया है।
108 बार जनसुनवाई में आवेदन
जमनालाल पुरोहित का दावा है कि उन्होंने इस हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) को लेकर अब तक 108 बार जनसुनवाई में आवेदन दिया है। इसके अलावा वे कई बार कलेक्टर कार्यालय भी जा चुके हैं।
लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता है तो यह विवाद और बढ़ सकता है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
गांव के कई लोगों का मानना है कि हैंडपंप के पास शौचालय निर्माण से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि यह हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) अब केवल दो पक्षों के बीच का विवाद नहीं रह गया, बल्कि पूरे मोहल्ले के स्वास्थ्य और जल सुरक्षा से जुड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द जांच कर उचित निर्णय लेना चाहिए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
जमनालाल पुरोहित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और हैंडपंप के पास हो रहे अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए।
साथ ही उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि गांव के लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिलना सबसे जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि लंबे समय से चल रहे इस हैंडपंप विवाद (Hand Pump Vivad) में प्रशासन कब तक कोई ठोस कदम उठाता है।
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