वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इज़राइल लेबनान हमला अब एक बड़े मानवीय और राजनीतिक संकट का रूप ले चुका है। ताजा हमलों में लेबनान में एक ही दिन में 254 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1165 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
इस त्रासदी के बाद पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया है और अस्पतालों में आपात स्थिति जैसे हालात बन गए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने कहा कि सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है ताकि इज़राइल लेबनान हमला को रोका जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना स्थिति को संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने बताया कि घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।
सीजफायर को लेकर बढ़ा टकराव
इस बीच युद्धविराम यानी सीजफायर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी साफ कहा कि अमेरिका ने ऐसा कोई वादा नहीं किया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि इज़राइल लेबनान हमला फिलहाल जारी रह सकता है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर दबाव डालते हुए कहा कि उसे तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या संघर्ष, क्योंकि “सीजफायर और युद्ध साथ-साथ नहीं चल सकते।”
ईरान का बड़ा प्लान: होर्मुज स्ट्रेट पर टैक्स
बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक नई रणनीति तैयार की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर प्रति बैरल 1 डॉलर टैक्स लगाने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत जहाजों को पहले अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। भुगतान डिजिटल करेंसी जैसे बिटकॉइन में लिया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इज़राइल लेबनान हमला के चलते पहले से अस्थिर क्षेत्र में यह कदम वैश्विक तेल सप्लाई को और प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि जब तक ईरान के साथ समझौते का पूरी तरह पालन नहीं होता, तब तक अमेरिका अपनी सैन्य ताकत क्षेत्र में बनाए रखेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते का उल्लंघन हुआ, तो संघर्ष और ज्यादा विनाशकारी रूप ले सकता है।
ट्रम्प ने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।
सऊदी तेल प्लांट पर हमला, बढ़ी चिंता
तनाव के बीच सऊदी अरब भी इस संकट में घिरता नजर आ रहा है। सऊदी अरामको की अबकैक प्रोसेसिंग फैसिलिटी पर हुए हमले की सैटेलाइट तस्वीरों में भीषण आग और धुआं देखा गया है। यह प्लांट वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 5% हिस्सा प्रदान करता है, इसलिए इस पर हमला अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इज़राइल लेबनान हमला के साथ ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर सकते हैं।
क्या दुनिया बड़े युद्ध की ओर बढ़ रही है?
मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह सकता। इज़राइल लेबनान हमला अब एक बड़े भू-राजनीतिक संकट में बदलता जा रहा है, जिसमें अमेरिका, ईरान और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हो रहे हैं।
अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शांति व्यवस्था पर पड़ सकता है।
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