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लोक अदालत मंदसौर में 805 मामलों का समाधान, 5.59 करोड़ रुपए के अवार्ड पारित

Lok Adalat Mandsaur

मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में आयोजित लोक अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) न्यायिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित इस विशेष अदालत में सैकड़ों मामलों का समाधान आपसी सहमति और समझौते के आधार पर किया गया।

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दिनभर चली इस कार्यवाही में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और पक्षकार उपस्थित रहे। अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) के माध्यम से कई लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान हुआ, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिली।

जिलेभर में गठित की गईं 24 न्यायिक खंडपीठ

इस बार अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) को प्रभावी बनाने के लिए पूरे जिले में कुल 24 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया था। इन खंडपीठों के माध्यम से जिला न्यायालय मंदसौर के अलावा तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़ और सीतामऊ में भी मामलों की सुनवाई की गई।

जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर सेंटर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास किया। अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) का उद्देश्य लोगों को कम समय और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना था।

943 मामलों में से 805 का हुआ निपटारा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) में न्यायालयों से रेफर किए गए कुल 943 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इनमें से 805 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया।

इन मामलों में कुल 5 करोड़ 59 लाख 4 हजार 79 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इससे कई पक्षकारों को लंबे समय से चल रहे विवादों से राहत मिली।

प्रीलिटिगेशन मामलों में भी मिला समाधान

इस अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) में प्रीलिटिगेशन मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रीलिटिगेशन वे मामले होते हैं जो अदालत में मुकदमा दर्ज होने से पहले ही समझौते के माध्यम से सुलझाए जा सकते हैं।

इस बार 10,842 प्रीलिटिगेशन मामलों को सूचीबद्ध किया गया था। इनमें से 1,484 मामलों का समाधान समझौते के जरिए किया गया। इन मामलों में कुल 74 लाख 63 हजार 362 रुपए की वसूली भी की गई।

चेक बाउंस मामलों में सबसे ज्यादा समझौते

अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) में आर्थिक विवादों से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में समझौते हुए। विशेष रूप से चेक बाउंस के मामलों में सबसे अधिक समाधान देखने को मिला।

चेक बाउंस के 271 मामलों का निपटारा किया गया, जिनमें कुल 3 करोड़ 74 लाख 57 हजार 526 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

इसके अलावा मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 21 मामलों का भी समाधान हुआ। इन मामलों में पीड़ितों को कुल 1 करोड़ 8 लाख 20 हजार रुपए का मुआवजा दिया गया।

लोक अदालत में दिखा भावनात्मक दृश्य

अदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) के दौरान एक पारिवारिक विवाद का बेहद भावुक अंत भी देखने को मिला। कुम्हारखेड़ा क्षेत्र के एक दंपती के बीच घरेलू विवाद के चलते मामला दर्ज हुआ था।

लोक अदालत में सुनवाई के दौरान न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। बातचीत के बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया और पुराने मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।

दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर नए जीवन की शुरुआत करने का संकल्प लिया। माता-पिता को फिर से साथ देखकर उनके छोटे बच्चे के चेहरे पर आई मुस्कान ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।

त्वरित और सुलभ न्याय की पहल

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है किअदालत मंदसौर (Lok Adalat Mandsaur) जैसे आयोजन न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाते हैं। इससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है और अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।

मंदसौर में आयोजित यह Lok Adalat Mandsaur इस बात का उदाहरण बनी कि संवाद और समझौते के माध्यम से कई जटिल विवादों को भी आसानी से सुलझाया जा सकता है।


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