नीमच में कोलाहल पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: Loudspeaker Ban के साथ शादियों और आयोजनों के लिए नई गाइडलाइन जारी

Loudspeaker Ban

Loudspeaker Ban

नीमच। जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। नीमच जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चन्दा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में Loudspeaker Ban और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 6 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा

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शादी-ब्याह के सीजन में ‘कानफोड़ू’ शोर पर लगाम

आगामी त्यौहारों और वैवाहिक कार्यक्रमों को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का शोर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । अक्सर देखा जाता है कि शादियों में दर्जनों डीजे और लाउडस्पीकर एक साथ बजाए जाते हैं, जिससे न केवल बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होती है, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित होता है। अब Loudspeaker Ban नियमों के तहत किसी भी आयोजन में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा

प्रशासन ने डीजे संचालकों और वेण्डरों के लिए भी कड़े निर्देश दिए हैं। अब किसी भी समारोह के लिए केवल मध्यम आकार के अधिकतम 02 डीजे या लाउडस्पीकर की ही अनुमति दी जा सकेगी वेण्डर भी किसी एक आयोजन के लिए 2 से अधिक डीजे किराए पर नहीं दे सकेंगे

स्वास्थ्य पर खतरे को देखते हुए लिया गया निर्णय

कलेक्टर हिमांशु चन्दा द्वारा जारी आदेश में ध्वनि प्रदूषण के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है आदेश के अनुसार, शोर का स्तर 70 डेसीबल से अधिक होने पर उच्च रक्तचाप (BP), बेचैनी, मानसिक तनाव और अनिद्रा जैसी बीमारियां पैदा होती हैं वहीं, 85 डेसीबल से अधिक का शोर बहरापन और 90 डेसीबल से अधिक का शोर कान के आंतरिक भाग को स्थायी रूप से क्षति पहुँचा सकता है । इसी खतरे को कम करने के लिए जिले में Loudspeaker Ban को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

रात 10 बजे के बाद सन्नाटा अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने रात के समय को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड या प्रेशर हॉर्न का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा Loudspeaker Ban की इस अवधि में उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय कार्रवाई की जाएगी

क्षेत्रवार निर्धारित की गई ध्वनि की सीमा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए ध्वनि की अधिकतम सीमा (डेसीबल में) तय की गई है:

क्षेत्र का प्रकारदिन का समय (06 AM – 10 PM)रात का समय (10 PM – 06 AM)
औद्योगिक क्षेत्र75 डेसीबल70 डेसीबल
वाणिज्यिक क्षेत्र65 डेसीबल55 डेसीबल
आवासीय क्षेत्र55 डेसीबल45 डेसीबल
शांत क्षेत्र (Silence Zone)50 डेसीबल40 डेसीबल

प्रेशर हॉर्न की बिक्री पर भी पाबंदी

आदेश में न केवल Loudspeaker Ban की बात कही गई है, बल्कि प्रेशर हॉर्न के भंडारण और विक्रय को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है । सड़कों पर वाहनों द्वारा बजाए जाने वाले कर्कश प्रेशर हॉर्न ध्वनि प्रदूषण का एक मुख्य स्रोत हैं, जिन पर अब प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है।

आम जनता और अधिकारियों को निर्देश

यह आदेश आम जनता को संबोधित है, इसलिए इसकी व्यक्तिगत सूचना देना संभव नहीं था। अतः इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है जिला मजिस्ट्रेट ने जिले के सभी थाना प्रभारियों, अनुविभागीय अधिकारियों और नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस Loudspeaker Ban आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं यदि किसी व्यक्ति को इस आदेश से कोई आपत्ति है, तो वह धारा 163(5) के तहत अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकता है

नीमच की शांति और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में यह Loudspeaker Ban एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले वैवाहिक सीजन में जनता और डीजे संचालक इन नियमों का कितना पालन करते हैं।


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