नीमच (क्राइम रिपोर्टर)। मध्य प्रदेश में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगी है। मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी के खिलाफ छेड़े गए राज्यव्यापी अभियान ने अब एक रौद्र रूप ले लिया है।
इसी कड़ी में नीमच जिले में जो जबरदस्त पुलिस कार्रवाई (Police Action) देखने को मिला है, उसने पूरे शराब सिंडिकेट और तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।
9 मार्च 2026 का दिन नीमच जिले के उन तमाम तस्करों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा, जो चोरी-छिपे समाज में ज़हर घोलने का काम कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल के सख्त निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसौदिया के कुशल मार्गदर्शन में जिले भर के थानों ने एक साथ मिलकर जो घेराबंदी की, वह पुलिसिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है।
इस सुनियोजित अभियान के तहत पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी और एक ही दिन में 41 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेल दिया।
आंकड़े जो गवाही देते हैं इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की
यह कोई रूटीन गश्त या सामान्य नाकाबंदी नहीं थी, बल्कि माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ने वाला एक बड़ा पुलिस कार्रवाई (Police Action) था। पुलिस टीमों ने महज 24 घंटे के भीतर आबकारी अधिनियम के तहत 35 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। इन छापों में जो खेप बरामद हुई है, वह चौंकाने वाली है।
पुलिस ने कुल 285 लीटर अवैध देशी शराब, 150 लीटर महंगी अंग्रेजी शराब, 360 बीयर केन, 62 बीयर की बोतलें और 12 लीटर कच्ची (जहरीली हो सकने वाली) शराब जब्त की है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब का पकड़ा जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जिले में अवैध शराब का जाल किस गहराई तक फैल चुका था।
सहयोग होटल पर छापा: सफेदपोशों पर भी कसेगा शिकंजा
इस पूरे अभियान में नीमच सिटी पुलिस की कार्रवाई सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। नीमच बायपास फोरलेन पर स्थित ‘सहयोग होटल’ लंबे समय से पुलिस के रडार पर था।
मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस ने यहाँ दबिश दी, तो मुडला निवासी आरोपी यशवंत (पिता भंवर सिंह सौंधिया) को रंगे हाथों पकड़ा गया। यहाँ से 81.170 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की गई।
पुलिस ने थाना नीमच सिटी पर अपराध क्रमांक 111/26 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पुलिस कार्रवाई (Police Action) का दायरा केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं है। विवेचना के दौरान होटल मालिक और शराब ठेकेदार के मैनेजर को भी सह-आरोपी बनाया गया है, जिससे साफ है कि पुलिस अब सीधे मास्टरमाइंड की गिरेबान तक पहुँच रही है।
बघाना पुलिस का ‘ऑपरेशन सेमार्डा’
बघाना पुलिस ने भी इस धरपकड़ में अपनी अहम भूमिका निभाई। ग्राम सेमार्डा में एक बड़े ठिकाने पर छापा मारकर पुलिस ने 63 लीटर अंग्रेजी शराब और भारी मात्रा में बीयर (24 बोतल और 360 टीन) जब्त की है।
थाना बघाना में अपराध क्रमांक 59/26 दर्ज कर आरोपी मुकेश बिहारी को गिरफ्तार किया गया है। यहाँ भी पुलिस की रडार पर वह मैनेजर है जिसने यह अवैध खेप सप्लाई की थी। इसके अलावा बघाना पुलिस ने एक अन्य मामले में 3.6 लीटर देशी शराब के साथ एक और आरोपी को दबोचा।
जिले के हर कोने में दिखी पुलिस की धमक
इस व्यापक पुलिस कार्रवाई (Police Action) की आंच जिले के हर छोटे-बड़े थाने तक पहुँची। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी तस्करों की धरपकड़ की गई, जिसका विवरण इस प्रकार है:
नीमच केंट: 5 प्रकरणों में 5 आरोपी गिरफ्तार, 16.02 लीटर देशी शराब और 31 बीयर जब्त।
मनासा: 5 प्रकरणों में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 45 लीटर देशी शराब व 07 बीयर जब्त की गई।
जावद: 9 प्रकरण दर्ज कर 9 तस्करों से 5.4 लीटर अंग्रेजी, 33.3 लीटर देशी और 4 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई।
रामपुरा: 4 मामलों में 108.72 लीटर देशी शराब पकड़ी गई।
कुकड़ेश्वर: 3 आरोपियों से 18 लीटर देशी व 8 लीटर कच्ची शराब जब्त हुई।
जीरन, सिंगोली और रतनगढ़: इन थानों ने भी क्रमशः 3, 2 और 1 आरोपी को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में देशी शराब की जब्ती की है।
सिर्फ प्यादे नहीं, वज़ीर भी जाएंगे जेल
इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल का रुख बेहद सख्त है। उनका स्पष्ट कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का दिखावा नहीं है। विवेचना के दौरान उन सभी सफेदपोशों और मुख्य सप्लायरों की पहचान की जा रही है जो पर्दे के पीछे से इन छोटे तस्करों को माल उपलब्ध कराते हैं। जल्द ही उन शराब ठेकेदारों और उनके गुर्गों पर भी नामजद एफआईआर दर्ज होगी जो नियमों को ताक पर रखकर अवैध बिक्री करवा रहे हैं।
आम जनता से एसपी की खास अपील
किसी भी सफल पुलिस कार्रवाई (Police Action) के पीछे आम जनता का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए एसपी श्री जायसवाल ने जिले की अवाम से अपील की है
कि अगर उनके आसपास कहीं भी अवैध शराब बन रही है, बिक रही है या बिना लाइसेंस के स्प्रिट का परिवहन हो रहा है, तो बेझिझक नजदीकी पुलिस थाने या कंट्रोल रूम को सूचित करें। पुलिस ने वादा किया है कि सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
यह साफ है कि नीमच पुलिस अब फुल एक्शन मोड में है और अवैध काम करने वालों के लिए अब जिले में कोई ‘सेफ ज़ोन’ नहीं बचा है।
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