नीमच में GBS का खतरा? कलेक्टर के 5 बड़े निर्देश, एयर एम्बुलेंस भी तैयार; कल से घर-घर होगी स्क्रीनिंग

Neemuch GBS Alert

Neemuch GBS Alert

Shubham Solar Solution

नीमच/मनासा (Neemuch GBS Alert)।  मध्य प्रदेश के नीमच जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा और विशेषकर जीबीएस (Guillain-Barré Syndrome) जैसी गंभीर बीमारी के संदेह को देखते हुए जिला प्रशासन अब ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शनिवार शाम को मनासा उपखंड और जिला चिकित्सालय नीमच का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्क्रीनिंग टीमों के साथ लंबी बैठक की। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और Neemuch GBS Alert के तहत हर संदिग्ध मरीज पर पैनी नजर रखी जाए।

मनासा में स्क्रीनिंग का दूसरा राउंड कल से

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मनासा के नगरीय क्षेत्रों में सर्वे कर रही 15 अलग-अलग टीमों के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। पहले राउंड का सर्वे सभी वार्डों में पूरा हो चुका है और प्रशासन के पास हर परिवार की ‘लाइन लिस्टिंग’ मौजूद है। Neemuch GBS Alert में कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि 18 जनवरी 2026 से स्क्रीनिंग का दूसरा राउंड शुरू किया जाए। इसमें टीम के सदस्य हर घर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे ताकि किसी भी लक्षण को शुरुआत में ही पकड़ा जा सके।

आपात स्थिति के लिए एयर एम्बुलेंस की तैयारी

Neemuch GBS Alert बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश एयर एम्बुलेंस को लेकर रहा। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई ऐसी विशेष आपात स्थिति बनती है जहां मरीज को तत्काल बड़े सेंटर शिफ्ट करना हो, तो जिला प्रशासन एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए पूरी तरह तैयार रहे। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रोटोकॉल और लॉजिस्टिक्स पहले से ही दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के स्टाफ को भी 24×7 अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।

नीमच जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति

मनासा क्षेत्र के दो मरीज, जिन्हें संदिग्ध माना जा रहा था, वर्तमान में जिला चिकित्सालय में उपचाराधीन हैं। कलेक्टर ने स्वयं उनके वार्ड में जाकर परिजनों और डॉक्टरों से बात की। राहत की बात यह है कि प्राथमिक जांच में इन मरीजों में जीबीएस के लक्षण नहीं पाए गए हैं और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। कलेक्टर ने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को यथासंभव जिला अस्पताल में ही त्वरित और निशुल्क उपचार मिले। रेफर केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में ही किया जाए।

जल जनित बीमारियों पर प्रहार,क्लोरीनेशन का आदेश:

Neemuch GBS Alert बैठक में जीएसबी और अन्य मौसमी बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए पानी की शुद्धता को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की सभी पेयजल टंकियों, सामुदायिक जल स्रोतों और वाल्व चेंबरों की सफाई और क्लोरीनेशन तत्काल प्रभाव से दोबारा कराया जाए।

आमजन के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की एडवाइजरी कलेक्टर ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सतर्क रहें। उन्होंने कुछ अनिवार्य नियम बताए हैं:

  1. पानी को हमेशा उबालकर ही पिएं।

  2. खाना ताजा और ढककर रखा हुआ ही खाएं।

  3. भोजन से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ साबुन से अच्छे से धोएं।

  4. अशुद्ध पानी या खुले में बिकने वाले आधे पके खाने से परहेज करें।

  5. अपनी मर्जी से कोई भी दवा (Self-medication) न लें।

प्राइवेट अस्पतालों और आयुष विभाग की भूमिका

Neemuch GBS Alert बैठक में निजी अस्पतालों पर भी प्रशासन की नजर है। कलेक्टर ने पिछले 7 दिनों में प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों का फॉलोअप लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयुष विभाग को भी स्थानीय स्तर पर स्क्रीनिंग और जागरूकता में सक्रिय सहयोग करने को कहा गया है। जो बच्चे डिस्चार्ज होकर घर लौट चुके हैं, उनके लिए फिजियोथैरेपिस्ट, जिंक और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


यह भी पढ़ें: नीमच में MD Drug का काला साम्राज्य: मनासा पुलिस ने पकड़ा 40 लाख का जखीरा, खेड़ी दायमा में चल रही थी मौत बनाने की फैक्ट्री