नीमच: पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर नीमच जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर कई तरह की भ्रामक खबरें तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की अनावश्यक भीड़ देखने को मिली।
लोग घबराहट में (पैनिक बाइंग) अपनी गाड़ियों के टैंक फुल करवाने लगे, जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इस पूरी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नीमच जिला प्रशासन ने अब तस्वीर पूरी तरह से साफ कर दी है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि Neemuch Petrol Supply में किसी भी प्रकार की कोई कमी या बाधा नहीं है।
कलेक्टर का आधिकारिक बयान और तेल कंपनियों से चर्चा
नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने अफवाहों का सख्ती से खंडन करते हुए जिले की जनता को आश्वस्त किया है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आम उपभोक्ताओं को घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने बताया कि उनकी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सभी प्रमुख तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधी चर्चा हुई है।
इस उच्च स्तरीय चर्चा के बाद यह पूरी तरह से प्रमाणित हो गया है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति हो रही है। Neemuch Petrol Supply की चेन पूरी तरह से सुचारू है और डिपो से टैंकरों का आवागमन नियमित रूप से जारी है।
घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) से बचें
अक्सर देखा गया है कि जब भी किसी आवश्यक वस्तु की कमी की झूठी खबर फैलती है, तो लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं। इसे पैनिक बाइंग कहा जाता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी सामान्य दिनचर्या के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
अगर हर कोई घबराहट में एक साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंच जाएगा, तो पंप का दैनिक स्टॉक समय से पहले खत्म हो सकता है, जिससे असली ज़रूरतमंदों जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड या आपातकालीन सेवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जमीनी हकीकत यह है कि Neemuch Petrol Supply अपने सामान्य रूटीन पर है और भविष्य में भी जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति निरंतर सुनिश्चित की जा रही है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता में दहशत फैलाना एक गंभीर अपराध है। जिला प्रशासन और पुलिस का साइबर सेल उन व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पेजों की कड़ी निगरानी कर रहा है, जहां से ईंधन की कमी की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या सोशल मीडिया हैंडल Neemuch Petrol Supply को लेकर भ्रामक जानकारी साझा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराएं। यदि कोई पंप संचालक अफवाहों की आड़ में जमाखोरी या कालाबाजारी करने की कोशिश करता है, तो उसका लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन की जनता से अपील
नीमच जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से एक विशेष अपील की है। इंटरनेट पर आने वाली हर सूचना को सच न मानें। किसी भी फॉरवर्डेड मैसेज पर विश्वास करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर कर लें। अगर आपको पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति से संबंधित कोई भी संदेह है, तो केवल प्रशासन के आधिकारिक बयानों या विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।
कुल मिलाकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। Neemuch Petrol Supply में न तो आज कोई कमी है और न ही आने वाले दिनों में किसी प्रकार की शॉर्टेज की कोई आशंका है। तेल कंपनियों द्वारा निरंतर आपूर्ति की जा रही है, इसलिए चैन से रहें और अफवाहों को सिरे से खारिज करें।
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