77th Republic Day: श्री सांवलिया सेठ के दरबार में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, तिरंगे की रोशनी में नहाया चित्तौड़गढ़ का कृष्णधाम

सांवलिया जी तिरंगा लाइट
चित्तौड़गढ़ (सांवलिया जी तिरंगा लाइट)। राजस्थान के सुप्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर में इस बार गणतंत्र दिवस का पर्व केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आस्था और राष्ट्रवाद के अद्भुत संगम के रूप में मनाया गया। चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित इस भव्य मंदिर की आभा उस समय और भी अलौकिक हो गई, जब 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पूरा मंदिर परिसर तिरंगे के तीन रंगों—केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी से सराबोर उठा। यह दृश्य इतना मनमोहक था कि मंदिर में दर्शन के लिए आए हजारों श्रद्धालु अपनी सुध-बुध खोकर बस एकटक मंदिर की दीवारों को निहारते रह गए।
3D मैपिंग और फसाड लाइट्स का जादू
गणतंत्र दिवस के इस विशेष अवसर पर मंदिर प्रशासन ने तकनीक और परंपरा का बेहतरीन मेल प्रस्तुत किया है। मंदिर की मुख्य इमारत पर सांवलिया जी तिरंगा लाइट (3D Mapping Facade Lights) के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को उकेरा गया। पिछले तीन दिनों से लगातार शाम ढलते ही मंदिर का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है। दिन में जहाँ श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबे नजर आते हैं, वहीं शाम होते ही मंदिर की दीवारों पर तिरंगे का प्रतिबिंब देखकर उनमें देशभक्ति का जज्बा हिलोरे लेने लगता है। आधुनिक फसाड लाइट्स के जरिए मंदिर की जटिल नक्काशी पर जब केसरिया और हरे रंग का प्रकाश पड़ता है, तो मंदिर की भव्यता कई गुना बढ़ जाती है।
देशभक्ति के गीतों से गुंजायमान हुआ वातावरण
सिर्फ रोशनी ही नहीं, बल्कि वातावरण को पूरी तरह ‘देशभक्तिमय’ बनाने के लिए मंदिर परिसर में विशेष ध्वनि व्यवस्था की गई थी। जब 3D मैपिंग के साथ ‘वंदे मातरम’, ‘मां तुझे सलाम’ और ‘सारे जहाँ से अच्छा’ जैसे कालजयी गीत गूंजे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें गर्व से नम हो गईं। भक्त भगवान के जयकारों के साथ-साथ ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते भी नजर आए। कई युवाओं और बच्चों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों और सेल्फी में कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
धर्म और राष्ट्रवाद का अनूठा संदेश
मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने इस आयोजन के पीछे की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि धर्म और देशभक्ति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने बताया कि कृष्णधाम श्री सांवलिया जी न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्वों पर इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी में देशप्रेम की भावना को जाग्रत करते हैं। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में स्वतंत्रता दिवस और अन्य राष्ट्रीय महत्व के दिनों पर भी इसी प्रकार के भव्य आयोजन किए जाएंगे ताकि मंदिर आने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को महसूस कर सके।
श्रद्धालुओं का बढ़ा तांता
इस विशेष ‘लाइट एंड साउंड’ शो की खबर फैलते ही आसपास के जिलों से भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा देखा गया। लोग विशेष रूप से शाम के समय इस मनोरम दृश्य का गवाह बनने पहुंच रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सांवलिया सेठ के आंगन में देशभक्ति की गर्मी ने हर किसी को रुकने पर मजबूर कर दिया है।

