4 बड़े पर्वों से पहले शहर में चेतावनी: चप्पे-चप्पे पर सख्त नीमच पुलिस अलर्ट जारी, ड्रोन से होगी आसमान से निगरानी

Police alert
नीमच। हमारे देश की आबोहवा में इन दिनों त्यौहारों की खुमारी घुलने लगी है। जल्द ही रमजान के साथ-साथ होलिका दहन, धुलेंडी और रंग पंचमी जैसे 4 बड़े पर्व एक साथ दस्तक देने वाले हैं। उल्लास, इबादत और रंगों के इस अनूठे संगम में कोई भी असामाजिक तत्व जहर न घोल सके, इसे लेकर प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिले भर में साम्प्रदायिक सौहार्द को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महकमे की तरफ से एक बहुत ही सख्त पुलिस अलर्ट (Police alert) जारी कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल के नेतृत्व में खाकी ने एक ऐसा अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है, जिसे भेद पाना किसी भी उपद्रवी के लिए नामुमकिन साबित होगा। आइए जानते हैं कि इस बार प्रशासन की रणनीति क्या है और आम जनता के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं।
एसपी का सख्त फरमान: ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
त्यौहारों के दौरान अमूमन भीड़भाड़ और हुड़दंग का अंदेशा बना रहता है। इस चुनौती से निपटने के लिए एसपी श्री अंकित जायसवाल ने सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की एक मैराथन बैठक ली। इस मीटिंग में साफ तौर पर यह पुलिस अलर्ट (Police alert) जारी किया गया कि सुरक्षा व्यवस्था में रत्ती भर भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थानों में पुलिस बल की विशेष ब्रीफिंग की जा रही है। हर बीट प्रभारी को अपने-अपने इलाकों का खुफिया इनपुट जुटाने और ग्राउंड जीरो से पल-पल की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को सौंपने का कड़ा टास्क दिया गया है।
सड़कों पर उतरी खाकी: संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च


शहर के मुख्य चौराहों से लेकर ग्रामीण अंचलों की पगडंडियों तक, विशेषकर उन इलाकों में जिन्हें अति-संवेदनशील माना जाता है, भारी पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। पूरे लाव-लश्कर के साथ निकाले जा रहे इस फ्लैग मार्च का सीधा उद्देश्य आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। वहीं, अपराधियों और मनचलों को यह कड़ा संदेश भी दिया जा रहा है कि इस पुलिस अलर्ट (Police alert) के दौरान अगर किसी ने भी कानून अपने हाथ में लेने की जुर्रत की, तो उसके खिलाफ तुरंत रासुका जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन फ्लैग मार्च में एसडीओपी (SDOP) से लेकर थानों के टीआई तक खुद पैदल सड़कों पर पसीना बहा रहे हैं।
‘डंडे’ के साथ ‘संवाद’: शांति समिति की अहम भूमिका
पुलिस प्रशासन यह भली-भांति जानता है कि असली शांति केवल पुलिस के पहरे से नहीं, बल्कि जन-सहयोग से स्थापित होती है। इसी दूरगामी सोच के साथ जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार ‘शांति समिति’ की बैठकों और ‘जनसंवाद’ कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में इलाके के संभ्रांत नागरिकों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एक जाजम पर लाया जा रहा है।
अधिकारियों द्वारा जनसंवाद के दौरान आम लोगों को यह समझाया जा रहा है कि वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगते ही तुरंत डायल 100 या संबंधित थाने को सूचित करें। इस पुलिस अलर्ट (Police alert) का मुख्य लक्ष्य यही है कि समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के पर्वों का दिल से सम्मान करें। सूचना देने वाले किसी भी आम नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखने का भरोसा भी पुलिस द्वारा दिलाया गया है।
डिजिटल गश्त और आसमान से निगरानी: साइबर सेल हुई एक्टिव
आज के डिजिटल युग में दंगे या विवाद सड़कों पर बाद में, बल्कि स्मार्टफोन की स्क्रीन पर पहले भड़कते हैं। इस आधुनिक खतरे को भांपते हुए पुलिस की साइबर सेल ने फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी ‘डिजिटल गश्त’ कई गुना तेज कर दी है। अधिकारियों ने खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करेगा, उस पर आईटी एक्ट के तहत गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी।
जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी की जा रही है। इस पुलिस अलर्ट (Police alert) के तहत शहर की तंग गलियों और छतों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही संवेदनशील चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का सीधा लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम की बड़ी स्क्रीन्स पर 24 घंटे मॉनिटर किया जा रहा है।
युवाओं से पुलिस की खास और मार्मिक अपील
जिला पुलिस ने विशेष रूप से युवा वर्ग से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। युवाओं को आगाह किया गया है कि वे सोशल मीडिया की भ्रामक दुनिया और रातों-रात वायरल होने वाली अफवाहों का शिकार न बनें। अनजान और भड़काऊ संदेशों को बिना सोचे-समझे फॉरवर्ड करने से बचें।
जिले का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है जहाँ सभी धर्मों के लोग सदियों से मिलजुलकर अपने पर्व मनाते आए हैं। पूरे शहर में जो यह सख्त पुलिस अलर्ट (Police alert) लागू किया गया है, वह सिर्फ इसलिए है ताकि यह ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ बिना किसी डर के बरकरार रहे। पुलिस महकमा मुस्तैद है, अपनी रातों की नींद त्याग चुका है, अब त्यौहारों को शांतिपूर्ण बनाने की असली ज़िम्मेदारी आम जनता के कंधों पर है।
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