उज्जैन न्यूज (Ujjain News)। भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक भावना है। जब भी टीम इंडिया मैदान पर जीत का परचम लहराती है, तो पूरा देश दीवाली की तरह जश्न मनाता है। लेकिन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में रविवार की रात यह खुशी का माहौल अचानक खौफनाक मंजर में तब्दील हो गया।
उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र में भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के दौरान दो अलग-अलग समुदायों के बीच एक बड़ा उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) हो गया। पटाखे फोड़ने को लेकर शुरू हुई मामूली सी कहासुनी ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें महिलाओं समेत दोनों पक्षों के 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे भड़का यह पूरा विवाद?
पुलिस और स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना चिमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जीरो पॉइंट ब्रिज के पास स्थित राज रॉयल कॉलोनी की है। रविवार रात को जब भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार जीत दर्ज की, तो कॉलोनी के कई युवा और रहवासी अपनी खुशी का इजहार करने के लिए घरों से बाहर निकल आए। वे जीत के जश्न में जमकर आतिशबाजी कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसी इलाके में रहने वाले दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने पटाखे फोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई। वाहिद खान के परिवार का कहना था कि रात के समय उनका बच्चा सो रहा है, इसलिए जश्न मना रहे लोग वहां से दूर जाकर पटाखे फोड़ें।
जश्न के इस खुशनुमा माहौल में हुई इस टोका-टाकी से हालात बिगड़ने लगे। शुरुआत में दोनों गुटों के बीच केवल जुबानी जंग हुई थी, लेकिन जल्द ही यह मामला एक खतरनाक उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) में बदल गया।
लाठी-डंडों और हथियारों से लैस भीड़ का अचानक हमला


प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बहस के दौरान ही अचानक हालात बेकाबू हो गए। एक पक्ष के करीब एक दर्जन से अधिक लोग हाथों में लाठी, डंडे और धारदार हथियार लेकर मौके पर आ धमके।
उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे जश्न मना रहे लोगों पर सीधा हमला कर दिया। इस हिंसक उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) में जो भी बीच-बचाव करने आया, हमलावरों ने उसे भी अपना निशाना बनाया। घटना इतनी तेजी से घटी कि पीड़ितों को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला। इस दौरान महिलाओं के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे पूरी कॉलोनी में दहशत फैल गई।
दोनों पक्षों से 10 से ज्यादा लोग हुए घायल
इस खूनी झड़प में दोनों ही तरफ से लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। पहले पक्ष की ओर से रविंद्र हाड़ा, दृष्टि हाड़ा, मनीष मेहरले, अनिता मेहरले, विमला मालवीय, लैला सिंह हाड़ा, मानवेन्द्र सिंह हाड़ा और विशाल मालवीय लहूलुहान हुए हैं। वहीं, इस उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) में जवाबी कार्रवाई के दौरान दूसरे पक्ष के शादाब खान, वाहिद खान और उनके परिवार की एक महिला के भी घायल होने की सूचना है।
घायल मनीष मेहरले और रविंद्र हाड़ा ने थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया कि वे शांति से अपने घर के चबूतरे पर बैठकर भारत की जीत का जश्न देख रहे थे। वहां कुछ अन्य लोग आतिशबाजी कर रहे थे।
उनका किसी से कोई सीधा झगड़ा नहीं था, लेकिन तभी अचानक हथियारों से लैस एक भीड़ वहां पहुंची और उनके परिवार पर टूट पड़ी। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी बहन दृष्टि के हाथ में चाकू से वार किया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद जब पीड़ित पक्ष खून से लथपथ हालत में न्याय मांगने चिमनगंज थाने पहुंचा, तो उन्हें पुलिस के ढीले रवैये का भी सामना करना पड़ा। घायलों का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत उनका मेडिकल परीक्षण कराने के बजाय उन्हें करीब एक घंटे तक थाने में ही बैठाए रखा। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
इस पूरी घटना का एक भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे इस उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) में दोनों पक्षों के लोग सड़क पर उतरकर एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर और दोनों पक्षों का मेडिकल करवाकर क्रॉस केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
हिंदू जागरण मंच ने दी उग्र प्रदर्शन की चेतावनी
इलाके में तनाव की खबर फैलते ही देर रात हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक रितेश माहेश्वरी अपने तमाम समर्थकों के साथ चिमनगंज थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज रॉयल कॉलोनी में इस तरह की सांप्रदायिक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी इसी कॉलोनी के बगीचे में माता जी की मूर्ति स्थापना को लेकर ऐसा ही तनावपूर्ण माहौल बनाया गया था।
रितेश माहेश्वरी ने चेतावनी दी है कि इस बार हुए उज्जैन विवाद (Ujjain Vivad) में एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने सोची-समझी साजिश के तहत घेरकर हमला किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पुलिस प्रशासन इस मामले में तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करता है,
तो संगठन द्वारा शहर भर में उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कॉलोनी और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें:- नीमच में जल संकट: शहर को ‘जहर’ पिला रही BTL Company, नपा की हाई-वोल्टेज बैठक में उड़ी ठेकेदार की नींद















