नीमच। नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) के अवसर पर 31 मार्च 2026 को नीमच पुलिस विभाग में एक गरिमामय और भावनात्मक समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभाग के तीन अनुभवी अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके लंबे और समर्पित सेवाकाल के बाद सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। आयोजन का माहौल सम्मान, गर्व और भावनाओं से भरा हुआ था, जहां हर किसी ने इन अधिकारियों की सेवाओं को याद किया।
यह नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन वर्षों की मेहनत, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान था, जो इन अधिकारियों ने समाज और विभाग के लिए समर्पित किए।
तीनों अधिकारियों को मिला सम्मान
इस नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) कार्यक्रम में कार्यवाहक मुख्य लिपिक श्री राजेन्द्र अग्रवाल, सहायक उप निरीक्षक कान्ता सिंह और प्रधान आरक्षक विरेन्द्र सिंह राठौड़ को उनके उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
तीनों अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यकाल में अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ाया। उनकी सेवाएं न केवल विभाग के लिए बल्कि समाज के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही हैं।
समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल ने तीनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके वर्षों के समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रतीक था।
सेवाकाल की प्रेरणादायक यात्रा
अगर सेवाकाल की बात करें तो श्री राजेन्द्र अग्रवाल ने 08 सितंबर 1982 को सहायक उप निरीक्षक (एम) के पद पर अपनी सेवा शुरू की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक कार्यों को कुशलतापूर्वक संभालते हुए विभाग में एक मजबूत पहचान बनाई।
वहीं कान्ता सिंह ने 10 अक्टूबर 2002 को आरक्षक के पद से अपनी सेवा प्रारंभ की और लगातार मेहनत एवं समर्पण के बल पर सहायक उप निरीक्षक के पद तक पहुंचे। उन्होंने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधान आरक्षक विरेन्द्र सिंह राठौड़ ने 01 अप्रैल 1991 को आरक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और विभिन्न जिम्मेदारियों को निभाते हुए विभाग में अहम योगदान दिया।
इन तीनों अधिकारियों की सेवाएं नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) के इस अवसर पर सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।
पुलिस अधीक्षक का संबोधन
नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि तीनों सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने कार्यकाल में अनुशासन, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अधिकारी विभाग की असली ताकत होते हैं और उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। इस प्रकार के नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) कार्यक्रम हमें यह सिखाते हैं कि ईमानदारी और समर्पण के साथ किया गया कार्य हमेशा सम्मान दिलाता है।
अधिकारियों और परिजनों की उपस्थिति
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान, उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा श्रीमती निकीता सिंह, रक्षित निरीक्षक विक्रम सिंह भदौरिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा विभिन्न थानों के प्रभारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ और अन्य कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) समारोह में सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिवारजनों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। परिवार के सदस्यों के साथ अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और इस उपलब्धि के क्षण को एक साथ मनाया।
भावनात्मक और यादगार पल
कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे क्षण आए जब माहौल भावुक हो गया। सहकर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन अधिकारियों के साथ काम करना उनके लिए गर्व की बात रही है।
यह नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) समारोह केवल एक विदाई नहीं बल्कि उन यादों, अनुभवों और रिश्तों का सम्मान था, जो वर्षों की सेवा के दौरान बने।
सेवानिवृत्ति के बाद भी रहेगा मार्गदर्शन
पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन के अंत में तीनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी इनका अनुभव समाज और विभाग के लिए मार्गदर्शक रहेगा।
नीमच पुलिस रिटायरमेंट( Neemuch Police Retirement) के इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों के योगदान को हमेशा याद रखता है और उन्हें सम्मान देने में कभी पीछे नहीं रहता।
प्रेरणादायक संदेश के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
यह Neemuch Police Retirement कार्यक्रम एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश देकर सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने यह साबित किया कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण का हमेशा सम्मान होता है।
ऐसे कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि विभाग की छवि को भी मजबूत बनाते हैं। यह समारोह आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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