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नीमच रेल लिंक: विकास की रफ्तार बढ़ाने की मांग तेज, भोपाल-रामगंज लाइन से जोड़ने की पहल

नीमच रेल लिंक

नीमच । मध्यप्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर नीमच रेल लिंक चर्चा के केंद्र में आ गया है। भोपाल से रामगंज मंडी तक बन रही नई रेल लाइन अब अपने अंतिम चरण में है, ऐसे में इसे नीमच से जोड़ने की मांग जोर पकड़ रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो नीमच रेल लिंक क्षेत्र के विकास की दिशा बदल सकता है।

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करीब 276 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। 187 किलोमीटर ट्रैक तैयार हो चुका है, जबकि शेष कार्य मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हाल ही में खिलचीपुर-राजगढ़ सेक्शन पर 130 किमी प्रति घंटे की सफल स्पीड ट्रायल ने इस परियोजना की मजबूती को साबित कर दिया है।

नीमच रेल लिंक से कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव

यदि नीमच रेल लिंक को भोपाल-रामगंज मंडी लाइन से जोड़ा जाता है, तो मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। भोपाल और कोटा के बीच लगभग 100 किलोमीटर की दूरी कम होगी, जिससे यात्रियों का 2-3 घंटे का समय बचेगा।

यह बदलाव सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। नीमच रेल लिंक इस पूरे क्षेत्र को एक नई आर्थिक गति दे सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

इस रेल परियोजना के जरिए पिपलहेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, कुरावर और श्यामपुर जैसे दूरदराज इलाके पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ रहे हैं। अगर नीमच रेल लिंक को भी शामिल किया जाता है, तो इसका दायरा और भी बढ़ जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब लंबी और कठिन सड़क यात्राओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

पुराना सर्वे फिर चर्चा में

नीमच से रामगंज मंडी तक मनासा होते हुए रेल लाइन का सर्वे पहले ही स्वीकृत हो चुका था। लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब एक बार फिर इस सर्वे को आधार बनाकर नीमच रेल लिंक को लागू करने की मांग उठ रही है।

अगर पहले स्वीकृत योजना पर समय रहते काम होता, तो आज यह क्षेत्र काफी आगे होता।

विकसित भारत 2047 मिशन से जुड़ा मौका

देश के विकसित भारत 2047 विजन के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में नीमच रेल लिंक जैसी परियोजना इस लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

इस रेल लाइन से मध्यप्रदेश की दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं राजस्थान के अजमेर, उदयपुर और जोधपुर जैसे शहरों तक दूरी भी कम हो जाएगी।

फोरलेन परियोजना के साथ रेल लाइन की मांग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित नीमच-गरोठ फोरलेन सड़क परियोजना के साथ भी नीमच रेल लिंक को जोड़ने का सुझाव दिया गया है। चंबल नदी पर बनने वाले पुल में रेल लाइन के लिए प्रावधान करने की मांग उठ रही है।

यदि ऐसा होता है, तो भविष्य में लागत और समय दोनों की बचत होगी।

जनप्रतिनिधियों पर टिकी उम्मीद

स्थानीय लोगों की नजर अब जनप्रतिनिधियों पर है। उम्मीद की जा रही है कि सांसद और विधायक इस मुद्दे को प्राथमिकता देंगे और नीमच रेल लिंक को जल्द मंजूरी दिलाने की दिशा में काम करेंगे।


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