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The Times of MP की खबर का असर: नीमच में IPL सट्टे का भंडाफोड़: 3 मोहरे गिरफ्तार, लेकिन ‘किंग’ अभी भी बाहर!

ऑनलाइन IPL सट्टा कार्रवाई

नीमच। देशभर में चल रहे आईपीएल (IPL) के खुमार के बीच, नीमच जिले में सक्रिय क्रिकेट सट्टा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित जायसवाल के सख्त निर्देशों के बाद, नीमच कैण्ट पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त विशेष टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर दबिश देकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खेल रहे तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी, मोबाइल और लाखों रुपये का सट्टे का हिसाब-किताब बरामद किया है। इस कार्यवाही को आईपीएल सीजन के दौरान सट्टेबाजी के काले कारोबार पर पुलिस के बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।

सतगुरू बेकरी के पीछे चल रहा था ‘लोटस’ का खेल

जानकारी के अनुसार, एसपी अंकित जायसवाल द्वारा अपराध समीक्षा बैठक में सट्टा और जुआं, विशेषकर आईपीएल सट्टे पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य में एएसपी नवल सिंह सिसोदिया और सीएसपी सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नीमच कैण्ट निरीक्षक सौरभ शर्मा एवं सायबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिन्दे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

दिनांक 13.04.2026 को टीम को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि सतगुरू बेकरी के पीछे स्थित ग्राउंड में कुछ व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विशेष टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से तीन आरोपियों को पकड़ा गया, जो अपने मोबाइल पर ‘LOTUS’ आईडी (www.lotus7book.com एवं www.lotusbook.site) के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगा रहे थे।

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भोली-भाली जनता को देते थे ‘अधिक लाभ’ का लालच

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष गुर्जर (हवाई पट्टी रोड), हिमांशु सुंगधी (जवाहर नगर) और यश सांवरिया (बघाना) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे और उनके अन्य साथी आम लोगों को ऑनलाइन आईडी के माध्यम से विभिन्न खेलों में पैसा लगाकर अधिक लाभ कमाने का प्रलोभन देते थे। इसके बाद उनसे सट्टा आईडियों में पैसा डलवाकर अवैध लाभ कमाते थे।

पुलिस ने थाना नीमच कैण्ट पर आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता (जप्त मश्रुका):

  • नगदी: 1,01,000/- रुपये

  • मोबाइल: 03 एंड्रॉइड फोन

  • दस्तावेज: लाखों रुपये का सट्टा हिसाब-किताब


विशेष विश्लेषण: ‘खबर का असर’ या सिर्फ दिखावा?

बड़ा सवाल: मोहरे तो पकड़े गए, लेकिन ‘वजीर’ और ‘किंग’ अभी भी गिरफ्त से बाहर!

नीमच पुलिस और सायबर सेल का यह एक्शन काबिले तारीफ है, लेकिन शहर का हर आम नागरिक जानता है कि ये गिरफ्तार किए गए तीन युवक इस सट्टा सिंडिकेट की आखिरी कड़ी नहीं हैं। ये सिर्फ कमीशन पर काम करने वाले एजेंट हैं। असल चुनौती उन मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की है, जिनकी वजह से शहर के युवाओं की हालत नशे और जुए में डूबकर ‘उड़ते पंजाब’ की तर्ज पर पहुंच गई है।

पुलिस रिमांड में इन पकड़े गए मोहरों से अगर सख्ती से पूछताछ हो, तो शहर के उन बड़े आकाओं के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनका अवैध कारोबार इन दिनों पूरे ‘परवान’ पर है और जो खुद को इस अंडरवर्ल्ड का ‘नरेश’ मान बैठे हैं।

कानून के रखवालों को उन चेहरों को भी बेनकाब करना होगा, जो दांव लगवाने के बाद वसूली के वक्त ‘चंडी’ की तरह उग्र हो जाते हैं और आम परिवारों को सड़क पर ला देते हैं। इसके साथ ही, खाकी की रडार पर वो रसूखदार भी आने चाहिए, जो समाज के सामने तो ‘अमरीश’ जैसी रईसी और रुतबा पेश करते हैं, लेकिन असल में बेहद ‘गुप्त’ तरीके से इन खाईवालों को पर्दे के पीछे से पूरी फंडिंग और संरक्षण दे रहे हैं।

जब तक पुलिस इन बड़े खिलाड़ियों की गिरेबान तक नहीं पहुंचती, तब तक आईपीएल सट्टेबाजी पर पूरी तरह से लगाम लगाना नामुमकिन है।

आखिर कब पकड़ाएंगे मुख्य सरगना?

सूत्रों की मानें तो नीमच और आसपास के इलाकों में आईपीएल सट्टे का असली जाल कुछ बड़े और रसूखदार ‘सफेदपोश’ बुकीज चला रहे हैं। ये मुख्य सरगना पर्दे के पीछे रहकर दुबई और अन्य बड़े शहरों से संचालित होने वाली मास्टर आईडियों (Master IDs) को हैंडल करते हैं और इन जैसे छोटे लड़कों को मामूली कमीशन पर आईडी बांटकर पंटरों (दांव लगाने वालों) को फंसाते हैं।

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपने ‘अन्य फरार साथियों’ का जिक्र किया है…

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस की तफ्तीश इन तीन मोहरों तक ही सिमट कर रह जाएगी, या फिर पुलिस इस काले कारोबार की जड़ तक पहुंचकर उन मुख्य सरगनाओं को भी बेनकाब करेगी जो शहर के युवाओं को बर्बादी के दलदल में धकेल रहे हैं? जनता को अब पुलिस की अगली कार्यवाही का इंतजार है।


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