मंदसौर। जिले की उभरती हॉकी खिलाड़ी Shalini Singh ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंडिया कैंप में अपनी जगह बनाई है। शालिनी सिंह का चयन सब जूनियर एशिया कप की तैयारियों के लिए आयोजित इस विशेष कैंप में हुआ है। यह कैंप देश के चुनिंदा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए आयोजित किया जाता है, जिसमें शामिल होना अपने आप में सम्मान की बात है।
शालिनी सिंह आगामी 7 मई से इस कैंप में शामिल होंगी और राष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल को और निखारेंगी।
राष्ट्रीय प्रदर्शन से चमकी Shalini Singh की प्रतिभा
हाल ही में झारखंड में आयोजित सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था। इस प्रतियोगिता में शालिनी सिंह का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
उनकी तेज गति, बेहतर नियंत्रण और टीम के लिए निर्णायक योगदान को देखते हुए चयनकर्ताओं ने शालिनी सिंह को इंडिया कैंप के लिए चुना। यह चयन उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है।
छोटे शहर से बड़े सपनों तक का सफर
शालिनी सिंह ने बहुत छोटी उम्र में ही हॉकी को अपना लक्ष्य बना लिया था। उन्होंने कक्षा 5वीं से खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे अपने खेल को निखारते हुए राज्य स्तर तक पहुंच गईं।
वह मध्य प्रदेश शासन के हॉकी फीडर सेंटर और खेलो इंडिया सेंटर मंदसौर से लगातार जुड़ी रहीं। यहां से मिली ट्रेनिंग ने शालिनी सिंह को मजबूत आधार दिया, जिसके दम पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई।
बाद में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए शालिनी सिंह का चयन हॉकी अकादमी, ग्वालियर में किया गया, जहां उन्होंने प्रोफेशनल स्तर की ट्रेनिंग प्राप्त की।
पिता से मिली प्रेरणा, परिवार का मिला साथ
शालिनी सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता किशोर सिंह का अहम योगदान है। उनके पिता स्वयं भी एक अच्छे हॉकी खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने बचपन से ही शालिनी को इस खेल के लिए प्रेरित किया।
पिता के अनुभव और मार्गदर्शन ने शालिनी सिंह को हर स्तर पर आगे बढ़ने में मदद की। परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
जिले में खुशी, खिलाड़ियों को मिली नई प्रेरणा
शालिनी सिंह के इंडिया कैंप में चयन की खबर से पूरे मंदसौर जिले में खुशी का माहौल है। खेल विभाग और स्थानीय लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व की बात बताया है।
जिला खेल अधिकारी विजेंद्र देवड़ा के अनुसार, शालिनी सिंह की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगी कि मेहनत और समर्पण से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
एशिया कप की तैयारी, अब अगला बड़ा लक्ष्य
अब शालिनी सिंह का फोकस सब जूनियर एशिया कप पर रहेगा। इंडिया कैंप में उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के साथ प्रशिक्षण मिलेगा।
इस दौरान उनकी फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। अगर इसी तरह शालिनी सिंह का प्रदर्शन जारी रहा, तो भविष्य में भारतीय टीम में उनकी जगह बनना तय माना जा रहा है।
प्रेरणा बनती Shalini Singh की कहानी
शालिनी सिंह की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
आज शालिनी सिंह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं।
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