रामपुरा (नीमच)। जिले के रामपुरा क्षेत्र के समीप स्थित खिमला में संचालित Greenko Power Plant एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां कार्यरत एनरिस कंपनी के मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अचानक काम बंद कर दिया और प्लांट के बाहर एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह खिमला पावर प्लांट मजदूर प्रदर्शन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
मंगलवार सुबह से ही मजदूरों का गुस्सा खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में श्रमिक प्लांट गेट के बाहर इकट्ठा हो गए। मजदूरों ने न केवल कार्य का बहिष्कार किया, बल्कि नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि बाद में प्रबंधन के हस्तक्षेप से मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ।
मजदूरों के मुख्य आरोप
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन कंपनी इस ओर ध्यान नहीं दे रही।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने पीएफ (Provident Fund) जमा नहीं किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि उनके वेतन से कटौती तो की जा रही है, लेकिन वह राशि संबंधित खाते में जमा नहीं हो रही, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
ओवरटाइम को लेकर भी नाराजगी
खिमला पावर प्लांट मजदूर प्रदर्शन के दौरान एक और अहम मुद्दा सामने आया—ओवरटाइम का भुगतान। मजदूरों का आरोप है कि उनसे अतिरिक्त काम तो कराया जाता है, लेकिन उसके बदले उचित भुगतान नहीं दिया जाता। कई श्रमिकों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ता है, लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं रखा जाता।
मजदूरों में बढ़ता आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कुछ श्रमिकों ने साफ तौर पर कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
एक मजदूर ने बताया, “हम लंबे समय से अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब मजबूरी में हमें सड़कों पर उतरना पड़ा।”
प्रबंधन ने दी सफाई और आश्वासन
स्थिति बिगड़ती देख कंपनी प्रबंधन मौके पर पहुंचा और मजदूरों से बातचीत की। प्रबंधन ने मजदूरों की सभी समस्याओं को गंभीरता से लेने की बात कही और जल्द समाधान का भरोसा दिया।
प्रबंधन की ओर से यह भी कहा गया कि वेतन और पीएफ से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक किया जाएगा। इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाने का आश्वासन दिया गया।
फिलहाल शांत, लेकिन खतरा बरकरार
हालांकि प्रबंधन के आश्वासन के बाद मजदूरों ने फिलहाल प्रदर्शन समाप्त कर दिया और काम पर लौटने की सहमति जताई, लेकिन यह साफ कर दिया कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
खिमला पावर प्लांट मजदूर प्रदर्शन फिलहाल शांत जरूर हुआ है, लेकिन अंदरूनी असंतोष अभी भी बरकरार है। यदि कंपनी प्रबंधन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़ा रूप ले सकता है।
स्थानीय स्तर पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का असर स्थानीय क्षेत्र में भी देखने को मिला। काम बंद होने के कारण प्लांट की गतिविधियां प्रभावित हुईं, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
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