नीमच। शहर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सार्थक पहल सामने आई है, जिसने आमजन के बीच जागरूकता का नया संदेश पहुंचाया है। प्लास्टिक मुक्त नीमच संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “मेरी थैली मेरी सहेली” अभियान के तहत शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शहर की मुख्य सब्जी मंडी के प्रवेश द्वार पर संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
अभियान का उद्देश्य और पहल
बढ़ते प्लास्टिक उपयोग और उससे हो रहे प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया। कार्यक्रम के दौरान करीब 300 कपड़े की थैलियां लोगों को वितरित की गईं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक मुक्त नीमच संदेश को हर घर तक पहुंचाना और लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
संस्था के सदस्यों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाया कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में कपड़े की थैली का उपयोग एक सरल और प्रभावी विकल्प है।
विशेष अवसर पर किया गया आयोजन
यह अभियान महावीर इंटरनेशनल प्रियदर्शिनी की अध्यक्ष रज़िया अहमद के सौजन्य से उनके ससुर की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। इस अवसर को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए संस्था ने एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि यदि हर व्यक्ति अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव लाए, तो प्लास्टिक मुक्त नीमच संदेश को वास्तविकता में बदला जा सकता है।
लोगों में दिखा उत्साह, लिया संकल्प
सब्जी मंडी में खरीदारी करने आए लोगों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने मौके पर ही प्लास्टिक बैग का उपयोग बंद करने का संकल्प लिया और कपड़े की थैली अपनाने की बात कही।
संस्था के सदस्यों ने आमजन से अपील की कि वे बाजार जाते समय अपनी थैली साथ लेकर आएं और प्लास्टिक बैग का उपयोग पूरी तरह बंद करें। यह छोटी आदत भविष्य में बड़े बदलाव का कारण बन सकती है।
गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें पूर्व गवर्निंग काउंसिल मेंबर सूरजमल अग्रवाल, मनोहरलाल बंम, के.के. जैन, आशा सांभर, प्रदीप धाकड़, प्रियंका पितलिया, माया वीरवाल और हरीश उपाध्याय शामिल थे।
इसके साथ ही अखिल भारतीय मारवाड़ी क्लब की महिला प्रमुख विधा त्रिवेदी और कोषाध्यक्ष अलका गोयल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्लास्टिक मुक्त नीमच संदेश समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
छोटे प्रयास, बड़ा बदलाव
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े अभियानों के साथ-साथ छोटे-छोटे प्रयास भी उतने ही जरूरी हैं। यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और प्लास्टिक का उपयोग कम करे, तो शहर को जल्द ही पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकता है।
यह अभियान इस बात का उदाहरण है कि सामाजिक संगठनों की पहल से कैसे आमजन को जोड़ा जा सकता है और एक बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
आभार और भविष्य की योजना
कार्यक्रम के अंत में संस्था की कोषाध्यक्ष प्रियंका पितलिया ने सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि प्लास्टिक मुक्त नीमच संदेश को और अधिक मजबूत किया जा सके।
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