नीमच । नीमच शहर सोमवार को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया, जब प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत एक भव्य वरघोड़ा निकाला गया। श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगच्छ ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव ने शहर के धार्मिक माहौल को चरम पर पहुंचा दिया।
इस विशेष अवसर पर 400 से अधिक वर्षीतप पूर्ण करने वाले तपस्वियों ने शोभायात्रा में भाग लिया। गच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज के सानिध्य में निकली यह यात्रा जैन भवन से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
45 सजी-धजी बग्गियों ने बढ़ाई शोभा
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान निकले इस भव्य वरघोड़े में 45 से अधिक आकर्षक बग्गियां मुख्य आकर्षण रहीं। इन बग्गियों में तपस्वियों को विराजमान किया गया था, जिन्हें फूलों और पारंपरिक सजावट से बेहद सुंदर ढंग से सजाया गया था।
बैंड-बाजों की गूंज और धार्मिक धुनों के बीच माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मुंबई से आए भजन गायक प्रतीक गेमावत की प्रस्तुतियों ने प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की गरिमा को और बढ़ा दिया। श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए।
महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी, हाथों में धर्म ध्वजा लिए शोभायात्रा का हिस्सा बनीं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का स्वागत करते हुए अक्षत और स्वास्तिक से ‘गहुली’ बनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
पांच दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा


यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला है। आयोजकों द्वारा आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है—
- 21 अप्रैल: च्यवन कल्याणक विधान
- 22 अप्रैल: जन्म कल्याणक महोत्सव
- 23 अप्रैल: दीक्षा कल्याणक वरघोड़ा
- 24 अप्रैल: मुख्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह
- 25 अप्रैल: द्वार उद्घाटन एवं समापन
इन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
शहरभर में स्वागत, पुष्पवर्षा से अभिवादन
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के इस आयोजन को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखा गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने मार्ग में तोरण द्वार बनाकर शोभायात्रा का स्वागत किया।
कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर तपस्वियों और आचार्य श्री का अभिनंदन किया। आयोजन को सफल बनाने में संयोजक अनिल नागौरी, अध्यक्ष प्रेम प्रकाश जैन और दादावाड़ी ट्रस्ट के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
युवाओं ने संभाली व्यवस्था, अनुशासन बना मिसाल
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान सकल जैन समाज के युवाओं ने सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। पूरे आयोजन में अनुशासन और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
आस्था, परंपरा और एकता का संगम
नीमच में आयोजित यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण भी बनकर उभरा। इस आयोजन ने शहरवासियों को एक सूत्र में बांधते हुए भक्ति और सहयोग का संदेश दिया।
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