उज्जैन (Ujjain News) । उज्जैन के पवासा थाना क्षेत्र से सामने आया शादी से पहले लापता होने का एक मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। जिस घर में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, वहीं अचानक बेटी के गायब होने से परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
लेकिन राहत की बात यह रही कि पुलिस की मुस्तैदी से युवती को महज 36 घंटे के भीतर भोपाल से सकुशल बरामद कर लिया गया।
खुशी के माहौल में अचानक मची हलचल
23 अप्रैल की दोपहर तक सब कुछ सामान्य था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और पिता अपनी बड़ी बेटी की शादी के कार्ड बांटने बाहर गए हुए थे। इसी बीच दोपहर करीब 3 बजे परिजनों को पता चला कि युवती घर से बिना बताए कहीं चली गई है।
शुरुआत में परिवार ने सोचा कि वह आसपास ही होगी, लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी न मिलने पर चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश के बाद भी जब युवती का कोई पता नहीं चला, तो मामला गंभीर हो गया। यह शादी से पहले लापता होने की घटना पूरे परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी।
पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा
परिजनों ने तुरंत पवासा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला संवेदनशील था, क्योंकि युवती का विवाह 1 मई को तय था। ऐसे में पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की।
थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने हर एंगल से जांच शुरू की, ताकि युवती का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
तकनीक और टीमवर्क से मिली सफलता
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और साइबर सेल की मदद से युवती की डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
कई घंटों की मेहनत के बाद एक अहम सुराग मिला, जिससे पता चला कि युवती भोपाल में हो सकती है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत भोपाल के लिए रवाना हो गई। शादी से पहले लापता हुए इस मामले में समय सबसे अहम था और पुलिस ने इसे बखूबी समझा।
रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामदगी
25 अप्रैल को पुलिस ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर युवती को ट्रेस कर लिया और उसे सुरक्षित अपने साथ उज्जैन ले आई। इस खबर के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
पूछताछ में युवती ने बताया कि वह किसी अपराध का शिकार नहीं हुई थी, बल्कि पारिवारिक विवाद के चलते अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाला।
बड़ा संकट टला, परिवार को मिली राहत
यह घटना ऐसे समय में हुई थी, जब घर में शादी की तैयारियां अपने चरम पर थीं। यदि समय रहते युवती का पता नहीं चलता, तो मामला और अधिक जटिल हो सकता था।
शादी से पहले लापता हुई बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार में फिर से खुशियों का माहौल लौट आया। परिजनों ने पुलिस टीम का आभार जताया और उनकी तत्परता की सराहना की।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई, नितेश मिठौरा, संतोष राव, अब्दुल रहीम, पंकज पाटीदार, बृजेंद्र भारती, शिवकन्या, रीना और साइबर सेल उज्जैन की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी त्वरित कार्रवाई और समन्वय के चलते यह मामला जल्दी सुलझ पाया और एक संभावित विवाद टल गया।
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