खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन: मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में बंद की चेतावनी, खरीफ सीजन पर संकट
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
27 अप्रैल 2026, (अपडेटेड 27 अप्रैल 2026, 5:16 अपराह्न IST)

नीमच। जिले में खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन अब तेज होता जा रहा है। खाद, बीज और कृषि दवाई व्यापारियों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। सोमवार को जिला खाद-बीज कृषि दवाई विक्रेता संघ ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन बंद और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह विरोध अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित मांगों का परिणाम है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन के जरिए व्यापारी सरकार तक अपनी गंभीर समस्याएं पहुंचाना चाहते हैं, जो अब उनके व्यवसाय और आजीविका पर सीधा असर डाल रही हैं।

देशभर में 5 लाख व्यापारी प्रभावित

संघ के अनुसार यह मुद्दा केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। देशभर में करीब 5 लाख कृषि आदान व्यापारी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी के विरोध में 27 अप्रैल को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल भी प्रस्तावित की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

जबरन लिंकिंग/टैगिंग बना सबसे बड़ा मुद्दा

ज्ञापन में व्यापारियों ने सबसे बड़ी मांग खाद पर जबरन लिंकिंग या टैगिंग खत्म करने की रखी है। उनका आरोप है कि कंपनियां सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद लेने के लिए मजबूर करती हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ती है और मुनाफा घटता है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन का यह मुद्दा व्यापारियों के लिए आर्थिक दबाव का मुख्य कारण बन गया है।

FOR व्यवस्था लागू करने की मांग

व्यापारियों ने ‘फ्री ऑन रोड’ (FOR) व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि खाद की डिलीवरी सीधे दुकानों तक होनी चाहिए, जिससे परिवहन खर्च कम हो सके। मौजूदा व्यवस्था में उन्हें अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ती है, जो उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है।

डीलर मार्जिन बढ़ाने की मांग

महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच व्यापारियों ने उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान मार्जिन खर्चों के मुकाबले काफी कम है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

SATHI पोर्टल में सुधार की मांग

संघ ने ‘साथी (SATHI) पोर्टल’ में सुधार करने की मांग रखते हुए कहा कि यह पोर्टल व्यापारियों के लिए जटिल और समय लेने वाला है। इसे सरल और सीमित दायरे में रखा जाना चाहिए ताकि कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

अवैध बीज और एक्सपायर्ड दवाओं पर रोक

व्यापारियों ने अवैध बीजों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने और एक्सपायर्ड कीटनाशकों को कंपनियों द्वारा वापस लेने की अनिवार्यता लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे न केवल उनका नुकसान होता है, बल्कि किसानों की फसल भी प्रभावित होती है।

लाइसेंस प्रक्रिया और जांच प्रणाली में बदलाव की मांग

ज्ञापन में लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया को सरल बनाने, जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने और दोहरे लाइसेंस सिस्टम को खत्म करने की मांग भी शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा नियमों में कई जटिलताएं हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एक माह का अल्टीमेटम, आंदोलन की तैयारी

संघ ने साफ किया है कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन की चेतावनी से प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ गया है, खासकर ऐसे समय में जब खरीफ सीजन नजदीक है।

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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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