नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सरवानिया चौकी क्षेत्र के ग्राम देपालपुरा में एक 22 वर्षीय विवाहिता, किरण बंजारा को उसके ही ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर जहर देकर मारने की कोशिश की गई। फिलहाल, किरण जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है और उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस पूरी वारदात के पीछे की वजह 6 माह की मासूम बच्ची का जन्म और दहेज की लालच बताई जा रही है।
दहेज और बेटी का जन्म बनी जान की दुश्मन
किरण की शादी लगभग तीन-चार साल पहले देपालपुरा निवासी दीपक बंजारा के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। हालांकि, प्रताड़ना का यह सिलसिला तब और बढ़ गया जब किरण ने छह महीने पहले एक बेटी को जन्म दिया। मायके वालों का कहना है कि ससुराल पक्ष बेटा चाहता था और बेटी के पैदा होने के बाद से किरण के साथ आए दिन मारपीट और विवाद होने लगा था।
खाने में जहर मिलाकर खिलाने का गंभीर आरोप
घटना शनिवार सुबह की है। पीड़िता किरण ने अस्पताल में दिए अपने बयान में बताया कि उसकी सास कंकु बाई और जेठानी बतूल बंजारा ने उसे जबरन खाना खाने के लिए मजबूर किया। किरण का आरोप है कि उसे जो खाना खिलाया गया, उसमें पहले से ही जहर मिला हुआ था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेसुध होने लगी।
अस्पताल में छोड़कर भागा ससुराल पक्ष
वारदात के बाद संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब हालत बिगड़ने पर ससुराल का एक सदस्य किरण को मनासा अस्पताल लेकर तो पहुँचा, लेकिन डॉक्टरों द्वारा जहर की पुष्टि करते ही वह उसे वहां अकेला छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद गंभीर हालत को देखते हुए किरण को नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां वह फिलहाल वेंटिलेटर और आईसीयू के बीच जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।

इन लोगों पर दर्ज कराई गई शिकायत
पीड़िता और उसके परिजनों ने इस साजिश में मुख्य रूप से चार लोगों को नामजद किया है:
दीपक बंजारा (पति)
कंकु बाई (सास)
खीमा बंजारा (ससुर)
बतूल बंजारा (जेठानी)
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर भी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। किरण का कहना है कि पुलिस ने शुरुआती तौर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मायका पक्ष अब प्रशासन से मांग कर रहा है कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो। फिलहाल उसकी छह माह की बच्ची ससुराल वालों के ही पास है, जिसे लेकर मायके वाले काफी चिंतित हैं।
मनासा पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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