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भीषण गर्मी अवकाश नीमच: 4 बड़े फैसले, नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी, बदली स्कूल टाइमिंग

भीषण गर्मी अवकाश नीमच

नीमच । नीमच जिले में लगातार बढ़ती गर्मी अब गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के तहत कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के संचालन में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। यह फैसला ऐसे समय आया है जब तापमान दिन-ब-दिन खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है।

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नर्सरी से 8वीं तक अवकाश घोषित

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड से जुड़े स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 27 से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के इस फैसले का उद्देश्य छोटे बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाना है।

9वीं से 12वीं तक बदला समय

जहां छोटे बच्चों को पूरी तरह छुट्टी दी गई है, वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। अब ये कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ही संचालित होंगी। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के इस निर्णय के पीछे कारण यह है कि दोपहर के समय तापमान सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाता है।

आदेश का तत्काल प्रभाव

जिला शिक्षा अधिकारी सुजान मल मांगरिया द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा। सभी स्कूलों को इसका पालन करना अनिवार्य होगा। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के तहत यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

1 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से 15 जून 2026 तक सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। इसका मतलब है कि भीषण गर्मी अवकाश नीमच के तहत दी गई छुट्टियों के तुरंत बाद लंबी गर्मी की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को लगातार राहत मिलेगी।

अभिभावकों को राहत

इस फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से बच्चे स्कूल से लौटने के बाद थकान और सिरदर्द की शिकायत कर रहे थे। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के निर्णय के बाद अब अभिभावकों को बच्चों की सेहत को लेकर कम चिंता रहेगी।

बढ़ती गर्मी बना रही खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी का असर सामान्य से ज्यादा है। लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है। ऐसे में भीषण गर्मी अवकाश नीमच जैसे फैसले जरूरी और समय पर लिए गए कदम माने जा रहे हैं।

पढ़ाई बनाम स्वास्थ्य

कुछ शिक्षकों का मानना है कि इससे पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, लेकिन अधिकांश लोग इस बात से सहमत हैं कि स्वास्थ्य सबसे पहले है। भीषण गर्मी अवकाश नीमच के तहत लिया गया निर्णय यही दिखाता है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

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