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खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन: मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशभर में बंद की चेतावनी, खरीफ सीजन पर संकट

खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन

नीमच। जिले में खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन अब तेज होता जा रहा है। खाद, बीज और कृषि दवाई व्यापारियों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है। सोमवार को जिला खाद-बीज कृषि दवाई विक्रेता संघ ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन बंद और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह विरोध अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित मांगों का परिणाम है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन के जरिए व्यापारी सरकार तक अपनी गंभीर समस्याएं पहुंचाना चाहते हैं, जो अब उनके व्यवसाय और आजीविका पर सीधा असर डाल रही हैं।

देशभर में 5 लाख व्यापारी प्रभावित

संघ के अनुसार यह मुद्दा केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। देशभर में करीब 5 लाख कृषि आदान व्यापारी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी के विरोध में 27 अप्रैल को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल भी प्रस्तावित की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर पड़ेगा, जिससे किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

जबरन लिंकिंग/टैगिंग बना सबसे बड़ा मुद्दा

ज्ञापन में व्यापारियों ने सबसे बड़ी मांग खाद पर जबरन लिंकिंग या टैगिंग खत्म करने की रखी है। उनका आरोप है कि कंपनियां सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद लेने के लिए मजबूर करती हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ती है और मुनाफा घटता है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन का यह मुद्दा व्यापारियों के लिए आर्थिक दबाव का मुख्य कारण बन गया है।

FOR व्यवस्था लागू करने की मांग

व्यापारियों ने ‘फ्री ऑन रोड’ (FOR) व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि खाद की डिलीवरी सीधे दुकानों तक होनी चाहिए, जिससे परिवहन खर्च कम हो सके। मौजूदा व्यवस्था में उन्हें अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ती है, जो उनके व्यवसाय को प्रभावित कर रही है।

डीलर मार्जिन बढ़ाने की मांग

महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच व्यापारियों ने उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान मार्जिन खर्चों के मुकाबले काफी कम है। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

SATHI पोर्टल में सुधार की मांग

संघ ने ‘साथी (SATHI) पोर्टल’ में सुधार करने की मांग रखते हुए कहा कि यह पोर्टल व्यापारियों के लिए जटिल और समय लेने वाला है। इसे सरल और सीमित दायरे में रखा जाना चाहिए ताकि कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

अवैध बीज और एक्सपायर्ड दवाओं पर रोक

व्यापारियों ने अवैध बीजों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने और एक्सपायर्ड कीटनाशकों को कंपनियों द्वारा वापस लेने की अनिवार्यता लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे न केवल उनका नुकसान होता है, बल्कि किसानों की फसल भी प्रभावित होती है।

लाइसेंस प्रक्रिया और जांच प्रणाली में बदलाव की मांग

ज्ञापन में लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया को सरल बनाने, जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने और दोहरे लाइसेंस सिस्टम को खत्म करने की मांग भी शामिल है। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा नियमों में कई जटिलताएं हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एक माह का अल्टीमेटम, आंदोलन की तैयारी

संघ ने साफ किया है कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। खाद बीज विक्रेताओं का विरोध प्रदर्शन की चेतावनी से प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ गया है, खासकर ऐसे समय में जब खरीफ सीजन नजदीक है।

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