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पत्नी का जहर ड्रामा मामला: पति ने लगाया फंसाने का आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

पत्नी का जहर ड्रामा मामला

नीमच। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के पिपल्यारुडी गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक विवाद को गंभीर कानूनी मोड़ दे दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में पत्नी का जहर ड्रामा मामला अब चर्चा का विषय बन गया है, जहां पति ने अपनी ही पत्नी और ससुराल पक्ष पर सुनियोजित तरीके से फंसाने का आरोप लगाया है।

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मंगलवार को पीड़ित दीपक बंजारा अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवार का कहना है कि यह सिर्फ घरेलू विवाद नहीं, बल्कि उन्हें कानूनी जाल में फंसाने की साजिश है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

दीपक के अनुसार, 25 अप्रैल को उनकी पत्नी किरणबाई ने अचानक सिरदर्द की शिकायत की और इलाज के लिए अस्पताल जाने की बात कही। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही स्थिति अचानक बदल गई और वहां मौजूद पत्नी के भाइयों ने दीपक के साथ मारपीट की।

परिवार का कहना है कि इस घटना के तुरंत बाद पत्नी ने खुद को पीड़ित दिखाने के लिए जहर खाने का नाटक किया, जिससे मामला गंभीर बन सके और पुलिस कार्रवाई हो।

जहर की पुष्टि नहीं, फिर भी केस दर्ज

इस पत्नी का जहर ड्रामा मामला में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि जिला अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में जहर सेवन की पुष्टि नहीं हुई। यानी डॉक्टरों की जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि महिला ने वास्तव में जहर खाया था।

इसके बावजूद, दीपक का आरोप है कि

पुलिस ने बिना पूरी सच्चाई जांचे उनके और उनके परिवार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई से परिवार खुद को पीड़ित और असहाय महसूस कर रहा है।

परिवार पर लगाए गए गंभीर आरोप

दीपक ने एसपी को दिए आवेदन में बताया कि उनके खिलाफ न केवल झूठा केस दर्ज कराया गया है, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक रूप से बदनाम करने की कोशिश भी की जा रही है। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष सोशल मीडिया के माध्यम से गलत जानकारी फैला रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनसे मोटी रकम की मांग की जा रही है। यदि पैसे नहीं दिए गए तो और भी झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

यह पहलू इस पूरे पत्नी का जहर ड्रामा मामला को और गंभीर बना देता है, क्योंकि इसमें जबरन वसूली और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप भी जुड़ रहे हैं।

एसपी से क्या मांग की गई

पीड़ित परिवार ने एसपी से मांग की है कि:

  • अस्पताल की वास्तविक मेडिकल रिपोर्ट मंगाई जाए
  • पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो
  • यदि आरोप झूठे साबित होते हैं तो ससुराल पक्ष पर कार्रवाई की जाए

परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और वे कानून पर भरोसा रखते हैं।

कानूनी दृष्टिकोण से मामला क्यों अहम

ऐसे मामलों में अक्सर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं, लेकिन इस केस में मेडिकल रिपोर्ट का स्पष्ट होना एक महत्वपूर्ण तथ्य माना जा रहा है। यदि जांच में यह साबित होता है कि जहर का सेवन नहीं हुआ, तो यह मामला झूठी शिकायत और साजिश की दिशा में जा सकता है।

वहीं, यदि दूसरी ओर से कोई ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो मामला पूरी तरह बदल भी सकता है। इसलिए पुलिस जांच की निष्पक्षता यहां सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा

इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग इस पत्नी का जहर ड्रामा मामला को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर साजिश बता रहे हैं।

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