नीमच। भरभड़िया गांव में सामने आया महिला से मारपीट का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट और उसके बाद घर में घुसकर नकदी लूटने के आरोप ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
घर के बाहर काम करते समय हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को पीड़िता संतोषबाई अपने घर के बाहर लकड़ियां इकट्ठा कर रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कालू गायरी और उसकी पत्नी चंदाबाई वहां पहुंचे और अचानक विवाद शुरू हो गया। पहले गाली-गलौज हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसा में बदल गया।
डंडे और औजार से किया हमला
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने महिला से मारपीट करते हुए उनके बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और कपड़े धोने वाले लकड़ी के डंडे से हाथ-पैर पर वार किए। इसके बाद कालू ने गेती के हत्थे से उनके सिर पर हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गईं।
बेटे के सामने हुई पूरी घटना
इस महिला से मारपीट की घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि यह सब कुछ पीड़िता के 12 वर्षीय बेटे धीरज के सामने हुआ। जब वह अपनी मां को बचाने के लिए आगे आया तो आरोपियों ने उसे थप्पड़ मारकर भगा दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया है।
मारपीट के बाद घर में घुसकर लूट
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के बाद आरोपी जबरन घर के अंदर घुस गए और वहां रखी पेटी से ₹1 लाख 3 हजार रुपए निकाल लिए। यह रकम परिवार ने नए मकान के निर्माण के लिए बड़ी मेहनत से जमा की थी। जाते-जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलने के बाद पीड़िता के पति गोपाल धनगर मौके पर पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन परिवार का कहना है कि इस महिला से मारपीट मामले में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और केवल हल्की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। लूट की बात को भी नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है।
न्याय के लिए एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित
बुधवार शाम को पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा और लिखित शिकायत दी। उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ लूट, गंभीर मारपीट और जानलेवा हमले की सख्त धाराएं जोड़ी जाएं। साथ ही जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
पुलिस जांच जारी, ग्रामीणों में आक्रोश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस महिला से मारपीट मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है और वे निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
यह महिला से मारपीट का मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं आगे और बढ़ सकती हैं।
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