रतनगढ़ (प्रदीप तिवारी)। जिस जिम में हर दिन युवा अपनी फिटनेस सुधारने पहुंचते थे, आज वहां घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है। पहली ही बारिश के बाद सामने आए हालात ने नगर परिषद की तैयारियों और विकास संबंधी दावों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल हो रहे फोटो में सरकारी जिम किसी फिटनेस सेंटर से ज्यादा तालाब या स्विमिंग पूल जैसा दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से संचालित यह जिम युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा माना जाता है। लेकिन मानसून की शुरुआती बारिश ने इसकी वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। परिसर के भीतर मटमैला पानी जमा होने से यहां व्यायाम करना पूरी तरह असंभव हो गया है।
पानी में डूबी लाखों की मशीनें, बढ़ी नुकसान की आशंका
बारिश के बाद बने हालात में जिम के अंदर रखी ट्रेडमिल, डम्बल, वेट लिफ्टिंग रॉड, एक्सरसाइज बेंच और अन्य फिटनेस उपकरण पानी में डूबे दिखाई दिए। फोटो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि कई मशीनों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो मशीनों में जंग लग सकती है और लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि बारिश से पहले ऐसी संभावित स्थिति को रोकने के लिए क्या तैयारी की गई थी।
पिछले साल भी सामने आई थी यही समस्या
रहवासियों के मुताबिक यह पहली बार नहीं है जब जिम में जलभराव हुआ हो। पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान इसी तरह की स्थिति बनी थी। उस समय भी स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया था।
लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। नतीजा यह रहा कि इस बार फिर वही तस्वीरें सामने आ गईं और पहली बारिश में ही जिम पूरी तरह पानी में डूब गया।
सिर्फ जिम नहीं, कॉलोनी के लोगों की भी बढ़ी परेशानी
जलभराव का असर केवल जिम तक सीमित नहीं रहा। वार्ड क्रमांक 14 स्थित बालिका छात्रावास के सामने से 135 आवास कॉलोनी की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। रहवासियों का कहना है कि सड़क पर घुटनों तक पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई परिवारों को जरूरी कामों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहगीरों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इलाके में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में ऐसी स्थिति बन जाती है।
विकास के दावों पर उठे सवाल
बारिश से पहले नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई, स्वच्छता अभियान और जल निकासी व्यवस्था को लेकर कई दावे किए गए थे। लेकिन पहली ही बारिश में जिम और आसपास के क्षेत्रों में हुए जलभराव ने इन दावों की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। कई लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती।
अब सबकी नजर जिम्मेदारों पर
स्थानीय युवाओं और रहवासियों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी संपत्ति को और अधिक नुकसान हो सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पिछले वर्ष की घटना से सबक क्यों नहीं लिया गया। क्या वायरल तस्वीरों और जनता की नाराजगी के बाद जिम्मेदार सक्रिय होंगे, या फिर हर साल की तरह इस बार भी यह मामला कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा?
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