नीमच। नीमच जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कोज्या रात्रि चौपाल के तहत कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा स्वयं ग्राम कोज्या पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, क्योंकि लंबे समय बाद ग्रामीणों को प्रशासन से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
प्रशासन द्वारा आयोजित कोज्या रात्रि चौपाल केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि समस्याओं के त्वरित समाधान का मंच है। इस चौपाल में जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जिससे मौके पर ही कई समस्याओं का निपटारा किया जा सके।
एक साथ रवाना होंगे अधिकारी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जिला मुख्यालय नीमच से सभी जिला अधिकारी बस के माध्यम से ग्राम कोज्या के लिए रवाना होंगे। यह सामूहिक यात्रा प्रशासन की गंभीरता और समन्वय को दर्शाती है। शाम तक सभी अधिकारी गांव पहुंच जाएंगे, जहां कोज्या रात्रि चौपाल का आयोजन किया जाएगा।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा मंच
ग्रामीणों के लिए कोज्या रात्रि चौपाल एक ऐसा अवसर है, जहां वे बिना किसी बिचौलिये के सीधे कलेक्टर और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं। आमतौर पर छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इस पहल से यह प्रक्रिया सरल होगी।
इस चौपाल में बिजली, पानी, सड़क, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और राजस्व से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान अब तेजी से हो सकेगा।
मौके पर समाधान की व्यवस्था
प्रशासन ने इस बार कोज्या रात्रि चौपाल को सिर्फ सुनवाई तक सीमित नहीं रखा है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर ही समस्याओं का निराकरण करें। जिन मामलों में तत्काल निर्णय संभव होगा, उन्हें वहीं सुलझाया जाएगा।
इसके अलावा, जिन समस्याओं के समाधान में समय लगेगा, उनके लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
प्रशासन की नई पहल
कोज्या रात्रि चौपाल जैसी पहलें ग्रामीण विकास के लिए बेहद कारगर साबित होती हैं। इससे न केवल योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है, बल्कि लोगों का प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ता है।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा शुरू की गई यह पहल जिले में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
इस कार्यक्रम में जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कोज्या रात्रि चौपाल में शामिल हों और अपनी समस्याओं को खुलकर रखें।
यह चौपाल केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि संवाद का माध्यम भी है, जहां प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।
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