नीमच क्रिकेट सट्टा: मोबाइल से IPL पर सट्टा चलाते 2 आरोपी गिरफ्तार, कार व लाखों का हिसाब जब्त
नीमच क्रिकेट सट्टा

नीमच। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने नीमच क्रिकेट सट्टा मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना नीमच कैण्ट और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टा संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, 2400 रुपये नगद, लाखों रुपये के सट्टे का हिसाब-किताब और एक वेन्यू कार जब्त की है। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

अपराध समीक्षा बैठक के बाद बढ़ी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने हाल ही में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में सभी थाना प्रभारियों को सट्टा और जुआ गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। विशेष रूप से आईपीएल के दौरान बढ़ते नीमच क्रिकेट सट्टा को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर थी।

इसी के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक किरण चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।

मुखबिर सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

दिनांक 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग कार में बैठकर मोबाइल के माध्यम से क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नीमच के क्रमांक 02 स्कूल ग्राउंड क्षेत्र में दबिश दी।

मौके पर पहुंचकर पुलिस ने दो व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा, जो आईपीएल मैच—राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स—पर सट्टा लगा रहे थे। यह पूरा मामला नीमच क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया।

 गिरफ्तार आरोपी और उनका नेटवर्क

पुलिस ने मोहम्मद सलीम (55 वर्ष), निवासी मुलचंद मार्ग और फरीद अंसारी (42 वर्ष), निवासी बघाना को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अपनी कार में घूम-घूमकर लोगों को मैच के भाव बताते थे और मोबाइल के जरिए सट्टा लिखते थे। इसके बाद यह सट्टा अपने अन्य फरार साथियों तक पहुंचाया जाता था। इस तरह नीमच क्रिकेट सट्टा का यह नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

जब्त सामग्री से बड़े नेटवर्क के संकेत

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 2400 रुपये नगद, सट्टे का विस्तृत रिकॉर्ड और वेन्यू कार (एमपी 44 सीबी 2129) जब्त की है।

जब्त दस्तावेजों और मोबाइल डेटा से यह संकेत मिला है कि सट्टे का कारोबार लाखों रुपये में चल रहा था। नीमच क्रिकेट सट्टा के इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना है।

मामला दर्ज, फरार आरोपियों की तलाश जारी

थाना नीमच कैण्ट में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 218/2026 के तहत सट्टा अधिनियम की धारा 4-क के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नीमच क्रिकेट सट्टा मामले में अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ शर्मा, उप निरीक्षक अखिलेश घोंगडे, प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे सहित साइबर सेल और थाना नीमच कैण्ट की टीम की अहम भूमिका रही।

वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए निर्देश दिए हैं कि भविष्य में भी नीमच क्रिकेट सट्टा जैसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रखी जाए।

जिले में सट्टा गतिविधियों पर कड़ा संदेश

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध सट्टा गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सक्रिय होने वाले नीमच क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Previous articleनाबालिग विवाह रोका: प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी घटना, परिवार को दी सख्त चेतावनी
Next articleपालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर
Aakash Sharma
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |