मंदसौर। सड़क पर दौड़ता एक सामान्य फ्लैटबेड ट्रक बाहर से बिल्कुल साधारण दिखाई दे रहा था, लेकिन जब केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की टीम ने उसकी गहन जांच की तो ऐसा खुलासा हुआ जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। ट्रक के भीतर विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त कक्षों से 616 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया गया। इस कार्रवाई के बाद ट्रक से डोडाचूरा बरामद होने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
सीबीएन ने मामले में ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई निगरानी
सीबीएन मंदसौर द्वितीय खंड एवं पी एंड आई सेल, मंदसौर को 21 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि एक ट्रक के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ की खेप ले जाई जा रही है।
सूचना के आधार पर अधिकारियों ने मल्हारगढ़ और पिपलियामंडी के बीच निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद संदिग्ध फ्लैटबेड ट्रक को रोक लिया गया। सड़क पर विस्तृत तलाशी लेना संभव नहीं होने के कारण ट्रक और उसके चालक को सीबीएन कार्यालय, मंदसौर लाया गया।
पहली नजर में कुछ नहीं मिला, फिर खुला बड़ा राज
सीबीएन कार्यालय में ट्रक की बारीकी से जांच शुरू की गई। शुरुआत में वाहन सामान्य दिखाई दिया, लेकिन अधिकारियों को कुछ हिस्सों की बनावट संदिग्ध लगी। इसके बाद तकनीकी निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान ट्रक के फ्लैटबेड के नीचे एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त कक्ष मिला। इसके अलावा चालक के केबिन के पीछे भी एक और छिपा हुआ चैम्बर पाया गया। जब इन कक्षों की तलाशी ली गई तो वहां रखे प्लास्टिक कट्टों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार कुल 67 कट्टों में भरा हुआ अवैध डोडाचूरा बरामद किया गया। वजन करने पर इसकी कुल मात्रा 616 किलोग्राम निकली। इस तरह ट्रक से डोडाचूरा बरामद होने की पुष्टि हुई।
लोहे का चैम्बर काटना पड़ा
कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी चुनौती चालक के केबिन के पीछे बने गुप्त कक्ष तक पहुंचना था। यह चैम्बर इतनी चतुराई से तैयार किया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना मुश्किल था। अधिकारियों ने पहले चैम्बर को खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोहे काटने की मशीन मंगवाई गई। मशीन की सहायता से लोहे की संरचना को काटा गया और अंदर छिपाकर रखे गए कट्टों को बाहर निकाला गया।
सीबीएन अधिकारियों के मुताबिक तस्करों ने मादक पदार्थ छिपाने के लिए ट्रक में पेशेवर तरीके से बदलाव किए थे। इससे साफ संकेत मिलता है कि पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
सीबीएन ने बरामद डोडाचूरा और परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया है। वहीं ट्रक चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चालक से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
सीबीएन के अनुसार मामला केवल एक ट्रक तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई
सीबीएन ने कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना और ऐसे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर नजर रखने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।
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