मंदसौर। मानसून की सक्रियता के बीच गांधीसागर बांध अलर्ट को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गांधीसागर जलाशय के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचता है तो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाएगी।
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार गांधीसागर बांध अलर्ट के तहत जलाशय की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। गांधीसागर अनुविभाग क्रमांक-1 के अधिकारियों को प्रतिदिन जलस्तर और जलग्रहण क्षेत्र में हो रही वर्षा की जानकारी एकत्रित कर जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक चार घंटे में जलाशय की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर मंदसौर और नीमच प्रशासन सहित संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
1300 फीट पहुंचते ही बढ़ेगी चिंता

प्रशासन के अनुसार यदि जलाशय का जलस्तर 1300 फीट तक पहुंचता है या भारी वर्षा एवं तूफान की चेतावनी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े विभागों को दी जाएगी। गांधीसागर बांध अलर्ट के दौरान सभी निर्णय स्वीकृत रूल कर्व और ऑपरेशन मैन्युअल के अनुसार लिए जाएंगे।
सर्किट हाउस स्थित गेज वेल से जलस्तर की लगातार निगरानी की जाएगी। मानसून अवधि में बाढ़ प्रकोष्ठ भी सक्रिय रहेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
1310 फीट पर शुरू होगी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई

प्रशासन ने बताया है कि यदि जलाशय का जलस्तर 1310 फीट तक पहुंचता है तो प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं 1312 से 1320 फीट के बीच जलस्तर रहने की स्थिति में तटवर्ती गांवों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
गांधीसागर बांध अलर्ट के तहत भानपुरा और गरोठ क्षेत्र के अधिकारियों को डूब प्रभावित इलाकों में कृषि कार्य कर रहे किसानों और अन्य लोगों को समय रहते सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से पहले लोगों को सुरक्षित करना है।
इन गांवों पर पड़ सकता है असर
जानकारी के अनुसार बीलखेड़ी, कंवली, अंत्रालिया, बंजारी, ढाबा, खेड़ा, सापुरा, चचावदा, ढाबली, उमरिया, मौलाखेड़ी खुर्द, बकाना, मोरड़ी, चिड़ी, आक्या, बालोदा, सिहोर, खड़ावदा, आंवली, रूपरा, बर्रामा, कंवला, रायपुरिया, खेरखेड़ा भाट, सुरजना, कानपुरा, करेलिया और गंदियाखेड़ी सहित कई गांव संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और गांधीसागर बांध अलर्ट से संबंधित निर्देशों का पालन करें।
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