नीमच। जिले के कनावटी निवासी राजेश बैरागी ने ग्राम चीताखेड़ा में करीब 10 बीघा कृषि भूमि को लेकर चल रहे विवाद के संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में उन्होंने जमीन विवाद के दौरान धमकी, पैसों की मांग और कथित मारपीट के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही 7 अगस्त 2026 को जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंचने के दौरान कथित पथराव की घटना का भी उल्लेख किया है।
राजेश बैरागी ने नीमच जमीन विवाद को लेकर दिए आवेदन में जीरन पुलिस द्वारा उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है।
वर्ष 2023 में खरीदी थी करीब 10 बीघा जमीन
राजेश बैरागी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2023 में ग्राम चीताखेड़ा स्थित सर्वे नंबर 1503 की करीब 10 बीघा कृषि भूमि खरीदी थी। उनके अनुसार जमीन खरीदने के बाद से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है।आवेदन में बैरागी ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े विवाद के दौरान उन्हें एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकियां दी गईं। उनका यह भी दावा है कि उनसे पैसों की मांग की गई। बैरागी के अनुसार उन्होंने कुछ राशि देने के साथ जमीन पर बाड़ा भी बनाकर दिया, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से पैसों की मांग जारी रही।
जेसीबी लेकर पहुंचे तो पथराव का आरोप
नीमच जमीन विवाद में 7 अगस्त 2026 की घटना को लेकर भी आवेदन में कई आरोप लगाए गए हैं। राजेश बैरागी के अनुसार वे कृषि कार्य के लिए अपनी जमीन पर जेसीबी लेकर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके, मजदूरों और जेसीबी की ओर कथित रूप से पत्थर फेंके। उन्होंने धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
राजेश बैरागी का कहना है कि इस पूरी घटना का वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने आवेदन में यह भी बताया कि घटना के बाद उनका मेडिकल कराया गया था। हालांकि, उनके अनुसार अधिक दर्द होने के कारण वे तत्काल शिकायत नहीं कर सके। घटना के संबंध में वीडियो और मेडिकल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य जांच के दौरान सामने आने पर ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जीरन पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल
जमीन विवाद के साथ-साथ राजेश बैरागी ने जीरन पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि उनके अनुसार शिकायतकर्ता घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थीं।बैरागी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले में सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध वीडियो और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से यह भी मांग की है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
राजेश बैरागी ने अपने आवेदन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक के समक्ष पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए मामले के वास्तविक तथ्यों को सामने लाना जरूरी है। आवेदन में उन्होंने कथित धमकी, पैसों की मांग, पथराव और पुलिस कार्रवाई से जुड़े बिंदुओं की जांच की मांग की है। बैरागी ने यह भी कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल नीमच जमीन विवाद जमीन के स्वामित्व से जुड़े विवाद के साथ कथित धमकी, पैसों की मांग, पथराव और पुलिस कार्रवाई के आरोपों तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग कर अपना पक्ष रखा है। इस मामले में लगाए गए आरोपों को अभी शिकायतकर्ता के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी में दूसरे पक्ष का विस्तृत बयान शामिल नहीं है। ऐसे में किसी भी पक्ष को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, वीडियो, मेडिकल रिकॉर्ड, पुलिस कार्रवाई और दोनों पक्षों के बयानों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के बाद इस नीमच जमीन विवाद में निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






