नीमच। सिंगोली तहसील के ग्राम लुहारिया जाट में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला लगातार गहराता जा रहा है। पहले कार्रवाई के दौरान कथित पत्थरबाजी के चलते प्रशासन को कार्रवाई अधूरी छोड़नी पड़ी थी। अब इसी विवाद में खेत पर काम कर रहे दंपती ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए हैं।
जनसुनवाई में दिए आवेदन के अनुसार, कमलाबाई पति भेरूलाल गुर्जर ने ग्राम लुहारिया जाट की शासकीय भूमि के विभिन्न सर्वे नंबरों से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। आवेदन के बाद अतिरिक्त तहसीलदार टप्पा रतनगढ़ ने 7 मई 2026 को आदेश जारी किया था।
26 मई को पहुंचा प्रशासन, लेकिन अधूरी रह गई कार्रवाई
आवेदन के मुताबिक, 26 मई 2026 को तहसीलदार, राजस्व अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि, मौके पर विवाद की स्थिति बनने और कथित पत्थरबाजी के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। पीड़िता का आरोप है कि कार्रवाई अधूरी रहने के बाद भी संबंधित भूमि पर अतिक्रमण बना हुआ है। यही नीमच शासकीय जमीन विवाद अब एक नए विवाद के कारण फिर सामने आया है।
खेत में काम कर रहे दंपती पर हमले का आरोप
इसी विवाद के बीच कमलाबाई के पति भेरूलाल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। भेरूलाल अपनी पत्नी कमलाबाई के साथ खेत में उड़द, मूंग और मक्का की फसल में काम कर रहे थे।रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान राजू पिता देवीलाल गुर्जर, पप्पू पिता देवीलाल गुर्जर और गोटू पिता किशन गुर्जर, निवासी लुहारिया जाट, कथित रूप से खेत पर पहुंचे।
भेरूलाल की रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों ने खेत को अपना बताते हुए दंपती से वहां नहीं आने की बात कही। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए भेरूलाल के साथ लकड़ी से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पति के साथ कथित मारपीट के दौरान कमलाबाई बीच-बचाव करने पहुंचीं। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई। दंपती ने घटना के दौरान जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
कलेक्टर से फिर कार्रवाई की मांग
कमलाबाई ने जिला प्रशासन को दिए आवेदन में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पुनः कार्रवाई के आदेश जारी करने की मांग की है। उन्होंने कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग भी की है। पीड़िता का कहना है कि पहले शुरू हुई कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी, इसलिए प्रशासन द्वारा दोबारा कार्रवाई कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
नीमच शासकीय जमीन विवाद में एक तरफ अतिक्रमण हटाने की मांग और पहले की अधूरी कार्रवाई है, वहीं दूसरी तरफ दंपती द्वारा मारपीट और धमकी के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में वास्तविक स्थिति क्या है और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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