नीमच। बीआर फाउण्डेशन नीमच ने सेवा के सात वर्ष पूरे कर लिए हैं। बी.आर. एज्युकेशन सोश्यल फाउण्डेशन मध्य प्रदेश के अनुसार इन सात वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार सामाजिक गतिविधियां संचालित की गईं। संस्था का कहना है कि इस अवधि में 1050 से अधिक दिनों तक जनसेवा एवं सामाजिक कार्य, 550 से अधिक कार्यक्रम एवं आयोजन और 800 से ज्यादा सामाजिक गतिविधियां की गईं।
संस्था के अनुसार इसका उद्देश्य जरूरतमंद और असहाय लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ बच्चों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को सामाजिक विकास से जोड़ना रहा है।
1300 से अधिक बच्चों को शिक्षा में मदद
बीआर फाउण्डेशन नीमच के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में अब तक 1300 से अधिक असहाय एवं जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है।विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन, प्रतिभा प्रोत्साहन, सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। संस्था के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 1400 से अधिक लोगों तक रक्त सहायता
स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में संस्था के अनुसार 1400 से अधिक जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग किया गया। इसके अलावा 15 रक्तदान शिविर तथा 4 नेत्र एवं दंत चिकित्सा/प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। कोरोना काल में संस्था के अनुसार 5 हजार से अधिक मास्क और 1 हजार सैनिटाइजर वितरित किए गए। साथ ही दो वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किए गए।
380 युवाओं को रोजगार में सहयोग
रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में भी संस्था ने गतिविधियां संचालित कीं। संस्था के अनुसार 380 से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में सहयोग मिला। वहीं 38 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई गई, जिनमें से संस्था के अनुसार 13 विद्यार्थियों का सरकारी नौकरी में चयन हुआ।
इसके अलावा फिजिकल ट्रेनिंग, महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण, ब्यूटी पार्लर कोर्स और सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 600 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को लाभ मिलने की जानकारी संस्था ने दी है।
1.70 लाख से ज्यादा जलपात्र, 1.30 लाख पौधे
पर्यावरण और बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी अभियान चलाए गए। संस्था के अनुसार गर्मी के दौरान 1 लाख 70 हजार से अधिक सकोरे एवं जलपात्र आम नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए गए और सार्वजनिक एवं प्रशासनिक स्थानों पर लगाए गए। वहीं पर्यावरण संरक्षण के तहत 1 लाख 30 हजार से अधिक पौधे निःशुल्क वितरित किए गए। संस्था के अनुसार चार उपवनों का निर्माण भी किया गया है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
सेवा यात्रा आगे भी जारी रखने का संकल्प
संस्था के प्रमुख अभियानों में ‘नन्हे हाथों में पर्यावरण अभियान’, ‘नन्हे चेहरों पर मुस्कुराहट अभियान’, ‘मेरा पौधा-मेरी कक्षा जिम्मेदारी अभियान’, ‘सकोरा विथ सेल्फी अभियान’, ‘उत्सव अभियान’ और ‘प्रतिभा प्रोत्साहन अभियान’ शामिल हैं।
संस्थापक कृष्ण परिहार ने सात वर्ष की सेवा यात्रा पूरी होने पर संस्था परिवार, पदाधिकारियों, सदस्यों, स्वयंसेवकों, रक्तदाताओं, मीडिया कर्मियों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि संस्था का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में सेवा कार्यों को आने वाले वर्षों में और व्यापक बनाना है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


