अजीबो-गरीब घरेलू विवाद: करवाचौथ पर पति ने नहीं दिलाई साड़ी, पत्नी पहुंची थाने; पति का जवाब सुनकर पुलिस भी हैरान

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। त्योहारों के मौसम में जहां पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास घुलनी चाहिए, वहीं ग्वालियर के महिला थाने में रिश्तों की खटास को लेकर अजीबो-गरीब मामले सामने आ रहे हैं। इस साल करवाचौथ के मौके पर पत्नी को नई साड़ी न दिलाना पति को महंगा पड़ गया और नाराज पत्नी सीधे शिकायत लेकर पुलिस थाने जा पहुंची।

साड़ी न मिलने पर शुरू हुआ विवाद, मामला पहुंचा परामर्श केंद्र

द टाइम्स ऑफ एम.पी. को मिली जानकारी के अनुसार, महिला थाने में करवाचौथ से जुड़े ऐसे तीन मामले आए, जिनमें छोटे से विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि बात मारपीट तक पहुंच गई और अंततः थाने की चौखट तक आना पड़ा। पुलिस ने शुरू में दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब दंपति मानने को तैयार नहीं हुए, तो मामला परिवार परामर्श केंद्र और काउंसलरों के पास भेजा गया।

काउंसलिंग के दौरान जब झगड़े की असली वजह सामने आई, तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। पहले मामले में, पत्नी करवाचौथ के लिए नई साड़ी की मांग कर रही थी, जिसे पति लगातार टाल रहा था। इसी बात पर झगड़ा बढ़ा और बात थाने तक पहुंच गई। काउंसलर की मध्यस्थता के बाद, पुलिस ने पति को पत्नी को साड़ी दिलाने के लिए कहा। पति ने थाने में ही पत्नी को साड़ी खरीदने के लिए पैसे दिए, जिसके बाद जाकर यह झगड़ा शांत हुआ।

“रोज सूट पहनती है, साड़ी क्यों दिलाऊं?”

एक अन्य मामला तो और भी चौंकाने वाला था। पुलिस के अनुसार, इस दंपति की पत्नी अमूमन सूट पहना करती थी, लेकिन करवाचौथ के दिन उसकी इच्छा साड़ी पहनने की थी।

पत्नी की इस इच्छा पर पति ने साफ इनकार कर दिया और जवाब दिया कि, “जब तुम हमेशा सूट ही पहनती हो, तो साड़ी की क्या ज़रूरत है?”

इसी बात पर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हुई और विवाद महिला थाने तक पहुंचा। इस मामले में भी काउंसलरों ने मध्यस्थता की। पत्नी को सलाह दी गई कि वह अपनी पसंद के अनुसार सूट और साड़ी दोनों पहन सकती है, और पति को साड़ी दिलाने के लिए राजी किया गया। पति द्वारा साड़ी दिलाए जाने के बाद दोनों का झगड़ा खत्म हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने इन मामलों पर हैरानी जताते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते थाने की दहलीज तक पहुंच रहे हैं। हालांकि, वे रिश्ते की गंभीरता को देखते हुए हर कीमत पर झगड़ों को शांत कराकर परिवारों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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